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एक साल में 4 बार महिलाओं ने लिया मातृत्व अवकाश, ऐसे सामने आया पूरा मामला

Thu, 30 May 2019 02:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 30 May 2019 02:12 PM IST
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women took 4 times maternity leave in a year in faridabad esic audit  reveals
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

फरीदाबाद में एक साल में कोई महिला एक बार ही गर्भवती हो सकती है, मगर शहर में कई ऐसी भी महिलाएं हैं जिनका एक साल में चार बार प्रसव हुआ है। इस मामले का खुलासा ईएसआईसी (इंप्लाई स्टेट इंश्योरेंस कार्पोरेशन) की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है।

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मातृत्व अवकाश के नाम पर इन महिलाओं ने ईएसआईसी से लाखों रुपये का लाभ भी लिया। इस मामले में ठेकेदार और विभाग अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। मामले की जांच सीबीआई और दिल्ली मुख्यालय की विजिलेंस को सौंप दी गई है। कार्पोरेशन ने इस मामले में छह कर्मचारी और तीन ब्रांच मैनेजर को निलंबित कर दिया।
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जिले में कई ऐसी महिलाएं हैं जो निजी क्षेत्रों में कार्य करती हैं। उनकी ईएसआई के मद में कुछ धनराशि कटती है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की यह एक ऐसी स्वास्थ्य बीमा कराने व्यवस्था है, जिसमें किसी भी प्रकार के कर्मचारी जो किसी ऐसी संस्था में कार्यरत हैं जिसमें 20 से अधिक कर्मचारी हैं।
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ईएसआईसी द्वारा ऐसी महिलाओं को डिलीवरी के दौरान छह माह का मातृत्व अवकाश और पूरा वेतन दिया जाता है। गर्भपात के मामले में महिला को 42 दिन का अवकाश दिया जाता है। इस अवकाश का पैसा ईएसआईसी द्वारा महिला के बैंक खाते में भेजा जाता है। 

ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि निजी क्षेत्र में कार्यरत कुछ महिलाओं ने कार्पोरेशन की इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए खुद को चार-चार बार गर्भवती दिखाया और मातृत्व अवकाश का लाभ लिया।

ईएसआईसी के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग अधिकारियों की मिलीभगत से यह सारा खेल चल रहा था। इसमें कई ठेकेदार भी हैं, जो विभिन्न संस्थानों को मैनपावर देते हैं। इन ठेकेदारों की भी विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत थी, जिससे उनके बिल निचले स्तर पर ही पास हो जाते हैं। हालांकि, हर तीन माह में विभाग की विजिलेंस टीम ऑडिट करती थी, मगर उन्हें भी इस जालसाजी का पता नहीं लग सका।

कैसे खुला मामला
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि डेढ़ साल पहले विभाग की विजिलेंस रिपोर्ट में मातृत्व अवकाश के दो-तीन मामले में गड़बड़ी सामने आई थी। विभाग ने ऑनलाइन आए आवेदनों की महिलाओं के मूल दस्तावेज से मिलान किया गया तो वह अलग-अलग पाए गए। फर्जी दस्तावेज के आधार पर महिलाओं का अवकाश का पूरा लाभ दिया गया। सूत्रों की माने तो विभाग कर्मचारियों ने मिलकर इस तरह करीब 10 करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया है।

जांच के लिए बनाई गई स्पेशल टास्क फोर्स
घोटाला सामने आने के बाद ईएसआईसी क्षेत्रीय कार्यालय ने विभागीय स्तर पर मामले की गंभीरता से जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टीम में चार अधिकारी शामिल हैं, जो हर दस्तावेज की गंभीरता से जांच करेंगे। 10 से 15 दिन में इस मामले में कुछ नए भी खुलासे किए जा सकते हैं।

मातृत्व अवकाश के नाम पर विभाग में कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। विभाग की ऑडिट रिपोर्ट सीबीआई और दिल्ली मुख्यालय की विजिलेंस को सौंप दी गई है। - डीके मिश्रा, आयुक्त क्षेत्रीय कार्यालय-ईएसआईसी, फरीदाबाद।

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