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सुप्रीम कोर्ट के नामित जज को यौन उत्पीड़न मामले में राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 19 Sep 2014 09:45 PM IST
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सर्वोच्च न्यायालय के नामित मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू के खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न व अन्य आरोप लगाने वाली याचिका खारिज कर दी। यह याचिका अधिवक्ता एवं पूर्व रॉ अधिकारी रही महिला ने दायर की थी।
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हालांकि खारिज खारिज होने के बाद महिला ने भरी अदालत में कहा कि वह चुप रहने वाली नहीं है और अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। इतना ही नहीं, उसका साथ न देने पर महिला वकील ने अन्य वकीलों के प्रति भी नाराजगी जताई।
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मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजयोग की खंडपीठ ने कहा कि न्यायमूर्ति दत्तू को मुख्य न्यायाधीश बनाने संबंधी सिफारिश को राष्ट्रपति ने पांच सितंबर को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
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ऐसे में इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। अदालत ने महिला के उन सभी तर्कों को खारिज कर दिया कि न्यायमूर्ति दत्तू ने बदनीयती से उनकी याचिकाएं खारिज की थीं। खंडपीठ ने कहा कि वे इस प्रकार न्यायिक फैसले को इस प्रकार चुनौती नहीं दी जा सकती।
केंद्र सरकार की और से पेश अतिरिक्त सालिसिटर जनरल संजय जैन ने तर्क रखा कि याचिका बेबुनियाद, बदनीयती व बिना आधार की है। ऐसे में याचिका खारिज की जाए। याचिका में आरोप लगाया कि रॉ में उसे प्रताड़ित किया गया और बाद में जबरन रिटायरमेंट के लिए मजबूर किया गया।