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महिला कांस्टेबल की ‘मीठी बातों’ से में फंसे जालसाज
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 22 Nov 2014 01:25 AM IST
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ईशांत अपहरणकांड में पुलिस अपहर्ताओं का सुराग उसी कागज के टुकड़े से लगा, जो धमकी भरा पत्र अपहरण के बाद ईशांत के घर डाला गया था। दरअसल, उसी कागज का दूसरा टुकड़ा पुलिस को वहीं गली में पड़ा मिला था।
इससे अंदाजा हो गया कि अपहर्ताओं का साथी कालोनी का ही है। इसके अलावा अपहर्ताओं को पकड़वाने में एक महिला कांस्टेबल की खास भूमिका रही, जिसने मुख्य अपहर्ता से फोन पर ‘मीठी बातें’ करके उसे झांसा दिया।
वह महिला कांस्टेबल से मिलने आया तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस उसके बाकी साथियों तक पहुंची।
पुलिस ने चार बदमाशों की गिरफ्तारी दिखाई है, जबकि दो भागे हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि महिला कांस्टेबल से अपहरणकर्ता कमल उर्फ कुणाल सिंघल पर फोन कराया।
महिला ने कमल से लुभावनी बातें कर आरोपी को झांसे में ले लिया। महिला कांस्टेबल के बुलाने पर कमल उससे मिलने आया तो पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने उससे ईशांत और अन्य अपहरणकर्ताओं के बारे में जानकारी की।
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दूसरी तरफ, बदमाशों ने कॉल कर ईशांत के पिता को फिरौती की रकम देने के लिए बृहस्पतिवार रात लोनी बुलाया। रकम भरा बैग रखने के बाद ईशांत के पिता को सीधा आगे की ओर चले जाने के लिए कहा।
पहले से ही बदमाशों को ट्रेस कर रही पुलिस की टीम ने आरोपियों को दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर ईशांत को दिल्ली गोकुलपुरी में स्क्रैप गोदाम से सकुशल बरामद किया।
पुलिसवालों को इनाम
एसएसपी ने ईशांत को बरामद करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रुपये इनाम और महिला कांस्टेबल को 5 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
ये हैं गिरफ्तार बदमाश
प्रवीण कुमार, आरिफ, जहीन गोकुलपुरी दिल्ली केरहने वाले हैं। कमल उर्फ कुणाल सिंघल गली नंबर-1 गगन विहार साहिबाबाद। देव और एक अन्य बदमाश भागे हुए हैं।
कमल था मास्टर माइंड
एसएसपी ने बताया कि घटना का मास्टर माइंड कमल है। कमल ईशांत के घर के सामने बने मकान में किराए पर रहता था। उसने ही अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। सभी आरोपी कबाड़ खरीदने और बेचने का काम करते हैं।
कर्नाटक, दिल्ली, मेरठ और मथुरा से मांगी फिरौती
बदमाशों ने फोन कॉल्स कर्नाटक, दिल्ली, मेरठ के सोतीगंज और मथुरा से की गई थी। सोतीगंज से कॉल आने पर पुलिस को संदेह हुआ कि इसमें कोई कबाड़ी भी शामिल हो सकता है।
तब पुलिस ने कबाड़ियों पर फोकस किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो कमल मोबाइल झपटमारी की घटनाओं को भी अंजाम देता था। फिरौती के लिए कॉल्स झपटमारी केसिम से ही की गई थी, जो कर्नाटक की आईडी पर था।
नितिन ने बताया 15 नवंबर को घर के बाहर से उनके बेटे ईशांत के अपहरण के बाद घर की छत पर पर्ची डालकर फिरौती की मांग की गई थी।
अपहर्ताओं ने 18 नवंबर को नितिन को फोन किया और धमकाते हुए 30 लाख रुपये मांगे। शनिवार तक पैसे नहीं देने पर बच्चे को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
ये था मामला
ढाई वर्षीय ईशांत का 15 नवंबर की सुबह करीब 11 बजे साहिबाबाद के गगन विहार से घर के बाहर से ही अपहरण कर लिया गया था। बाइक सवार दो बदमाश उसे अगवा कर ले गए थे। ईशांत के पिता रेडीमेड गारमेंट का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि वे अपहर्ताओं को 30 लाख रुपये देने की हालत में नहीं थे।
बच्चे की वीडियो बनाकर चिप भेजी परिजनों को
ईशांत के पिता से बदमाशों ने फिरौती मांगी तो उन्होंने बदमाशों से कहा कि वे कैसे मान लें कि ईशांत उनके पास है और जीवित है।
तब बदमाशों ने उनसे कहा कि दिल्ली सीमापुरी में पानी की टंकी केपास एक पॉलीथिन मिलेगा, जिसमें तीन केले के छिलके होंगे और एक केला बिना छिला होगा।
उस केले में एक चिप होगी, जिसमें ईशांत की वीडियो बनाई हुई है। पिता को केले से वह चिप मिली थी, जिसमें ईशांत की वीडियो थी।
बच्चे को रोने पर दी जाती थीं नींद की गोलियां
पुलिस का दावा है कि ईशांत के रोने पर बदमाश पहले उसे टॉफी चॉकलेट देते थे, फिर भी चुप न होने पर उसे नींद की गोलियां दी जाती थी, जिससे उसे नींद आ जाती थी।
इकलौते बेटे को पाकर निकले खुशी के आंसू
ईशांत के पिता नितिन और मां राधा इकलौते बेटे से मिलने से उनकी आंखों में खुशी केआंसू थे। उनकेअन्य परिजनों की खुशी का भी ठिकाना नहीं है।
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इससे अंदाजा हो गया कि अपहर्ताओं का साथी कालोनी का ही है। इसके अलावा अपहर्ताओं को पकड़वाने में एक महिला कांस्टेबल की खास भूमिका रही, जिसने मुख्य अपहर्ता से फोन पर ‘मीठी बातें’ करके उसे झांसा दिया।
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वह महिला कांस्टेबल से मिलने आया तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस उसके बाकी साथियों तक पहुंची।
पुलिस ने चार बदमाशों की गिरफ्तारी दिखाई है, जबकि दो भागे हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि महिला कांस्टेबल से अपहरणकर्ता कमल उर्फ कुणाल सिंघल पर फोन कराया।
महिला ने कमल से लुभावनी बातें कर आरोपी को झांसे में ले लिया। महिला कांस्टेबल के बुलाने पर कमल उससे मिलने आया तो पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने उससे ईशांत और अन्य अपहरणकर्ताओं के बारे में जानकारी की।
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दूसरी तरफ, बदमाशों ने कॉल कर ईशांत के पिता को फिरौती की रकम देने के लिए बृहस्पतिवार रात लोनी बुलाया। रकम भरा बैग रखने के बाद ईशांत के पिता को सीधा आगे की ओर चले जाने के लिए कहा।
पहले से ही बदमाशों को ट्रेस कर रही पुलिस की टीम ने आरोपियों को दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर ईशांत को दिल्ली गोकुलपुरी में स्क्रैप गोदाम से सकुशल बरामद किया।
पुलिसवालों को इनाम
एसएसपी ने ईशांत को बरामद करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रुपये इनाम और महिला कांस्टेबल को 5 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
ये हैं गिरफ्तार बदमाश
प्रवीण कुमार, आरिफ, जहीन गोकुलपुरी दिल्ली केरहने वाले हैं। कमल उर्फ कुणाल सिंघल गली नंबर-1 गगन विहार साहिबाबाद। देव और एक अन्य बदमाश भागे हुए हैं।
कमल था मास्टर माइंड
एसएसपी ने बताया कि घटना का मास्टर माइंड कमल है। कमल ईशांत के घर के सामने बने मकान में किराए पर रहता था। उसने ही अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। सभी आरोपी कबाड़ खरीदने और बेचने का काम करते हैं।
कर्नाटक, दिल्ली, मेरठ और मथुरा से मांगी फिरौती
बदमाशों ने फोन कॉल्स कर्नाटक, दिल्ली, मेरठ के सोतीगंज और मथुरा से की गई थी। सोतीगंज से कॉल आने पर पुलिस को संदेह हुआ कि इसमें कोई कबाड़ी भी शामिल हो सकता है।
तब पुलिस ने कबाड़ियों पर फोकस किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो कमल मोबाइल झपटमारी की घटनाओं को भी अंजाम देता था। फिरौती के लिए कॉल्स झपटमारी केसिम से ही की गई थी, जो कर्नाटक की आईडी पर था।
नितिन ने बताया 15 नवंबर को घर के बाहर से उनके बेटे ईशांत के अपहरण के बाद घर की छत पर पर्ची डालकर फिरौती की मांग की गई थी।
अपहर्ताओं ने 18 नवंबर को नितिन को फोन किया और धमकाते हुए 30 लाख रुपये मांगे। शनिवार तक पैसे नहीं देने पर बच्चे को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
ये था मामला
ढाई वर्षीय ईशांत का 15 नवंबर की सुबह करीब 11 बजे साहिबाबाद के गगन विहार से घर के बाहर से ही अपहरण कर लिया गया था। बाइक सवार दो बदमाश उसे अगवा कर ले गए थे। ईशांत के पिता रेडीमेड गारमेंट का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि वे अपहर्ताओं को 30 लाख रुपये देने की हालत में नहीं थे।
बच्चे की वीडियो बनाकर चिप भेजी परिजनों को
ईशांत के पिता से बदमाशों ने फिरौती मांगी तो उन्होंने बदमाशों से कहा कि वे कैसे मान लें कि ईशांत उनके पास है और जीवित है।
तब बदमाशों ने उनसे कहा कि दिल्ली सीमापुरी में पानी की टंकी केपास एक पॉलीथिन मिलेगा, जिसमें तीन केले के छिलके होंगे और एक केला बिना छिला होगा।
उस केले में एक चिप होगी, जिसमें ईशांत की वीडियो बनाई हुई है। पिता को केले से वह चिप मिली थी, जिसमें ईशांत की वीडियो थी।
बच्चे को रोने पर दी जाती थीं नींद की गोलियां
पुलिस का दावा है कि ईशांत के रोने पर बदमाश पहले उसे टॉफी चॉकलेट देते थे, फिर भी चुप न होने पर उसे नींद की गोलियां दी जाती थी, जिससे उसे नींद आ जाती थी।
इकलौते बेटे को पाकर निकले खुशी के आंसू
ईशांत के पिता नितिन और मां राधा इकलौते बेटे से मिलने से उनकी आंखों में खुशी केआंसू थे। उनकेअन्य परिजनों की खुशी का भी ठिकाना नहीं है।