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40 के बाद करवा लें ये टेस्ट: खुद जांच कर स्तन कैंसर को पहले स्टेज में पकड़ सकती है महिला, सिर्फ देख लें एक चीज

Sat, 26 Oct 2024 09:17 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 26 Oct 2024 09:17 PM IST
सार

अस्पताल के रेडियो डायग्नोसिस विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. शिबानी मेहरा ने कहा कि महिलाएं यदि खुद स्तन कैंसर का परीक्षण करें तो स्तन कैंसर को शुरुआती समय में ही पकड़ सकते हैं। 

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Women can detect breast cancer at an early stage by self-examination
स्तन कैंसर - फोटो : adobe stock

विस्तार

महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ा जा सकता है, लेकिन जागरूकता के अभाव में महिलाएं तीसरे या अंतिम स्टेज में अस्पताल पहुंचती है। ऐसे में उनका इलाज करना मुश्किल व जटिल हो जाता है। देश की महिलाओं में होने वाला सबसे बड़ा कैंसर हैं। हर साल हजारों महिलाएं इसके कारण दम तोड़ देती हैं।

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इस कैंसर की रोकथाम के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रेडियो निदान विभाग ने अस्पताल में स्तन कैंसर जागरूकता माह के तहत अभियान चलाया। इस दौरान अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, रेडियो निदान, सर्जरी सहित अन्य विभाग में इलाज करवाने आई 30 हजार से अधिक महिलाओं को स्तन की खुद जांच करने की तकनीक बताई। साथ ही बताया कि स्तन पर होने वाले किसी भी प्रकार की गांठ को हल्के में न लें।

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अस्पताल के रेडियो डायग्नोसिस विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. शिबानी मेहरा ने कहा कि महिलाएं यदि खुद स्तन कैंसर का परीक्षण करें तो स्तन कैंसर को शुरुआती समय में ही पकड़ सकते हैं। पिछले एक माह में अस्पताल में 30 हजार से अधिक महिलाओं को इसकी ट्रेनिंग दी गई। इसके अलावा बताया गया कि अल्ट्रासाउंड या मेमोग्राफी एक्सरे करवा कर इसकी पहचान कर सकते हैं। 40 साल के बाद यह हर महिला को दो साल में एक बार जरूर करना चाहिए।

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10 में से एक को स्तन कैंसर होने की आशंका
डॉ. शिबानी मेहरा ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि हमारे पर्यावरण सहित दूसरे कारणों से 10 में से एक महिला में स्तन कैंसर होने की आशंका रहती हैं। यदि यह समय पर जांच करके पकड़ कर ले तो इलाज आसानी से हो सकता है। लेकिन देखा गया है कि महिलाएं रोग को नजरअंदाज करती हैं। इस कारण अधिकतर महिलाएं तीसरे या अंतिम स्टेज में अस्पताल पहुंचती है। इस स्टेज में आने वाली महिलाओं का इलाज जटिल हो जाता है।

हर महिला करवाएं जांच
40 साल की उम्र के बाद हर महिला को दो साल में एक बार मैमोग्राफी एक्सरे करवान चाहिए। इसकी मदद से स्तन कैंसर की पकड़ पहले स्तर पर ही हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कैंसर किसी को भी हो सकता है। हर कोई इसके जद में है। खासकर ऐसे लोग जिनके परिवार में यह रोग हो चुका है।

जांच की नई तकनीक आई सामने
डॉ. मेहरा ने कहा कि स्तन कैंसर को जल्द पकड़ने के लिए नई तकनीक उभर कर सामने आई है। स्तन कैंसर की बायोप्सी में हाल के वर्षों में कई नई तकनीकें विकसित हुई हैं। इनमें वैक्यूम-एसिस्टेड बायोप्सी, स्टेरेओटेक्टिक बायोप्सी, अनुप्रस्थ बायोप्सी, मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग, लेपरोस्कोपिक बायोप्सी सहित अन्य है।

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