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संकट में महिलाओं-बच्चों को मदद के लिए नहीं भटकना पड़ेगा : रेखा गुप्ता
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181 हेल्पलाइन से आश्रय, परामर्श और पुनर्वास तक सहायता देने की व्यवस्था, 11 वन स्टॉप सेंटर उपलब्ध
2.53 लाख सीसीटीवी कैमरे, 2947 बस मार्शल तैनात, 1397 स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में किसी महिला या बच्चे को संकट के समय मदद के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सुरक्षा, परामर्श, आश्रय, कानूनी सहायता और पुनर्वास की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। ये बातें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहीं। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन 181 को आपातकालीन हेल्पलाइन 112, वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित अन्य सहायता सेवाओं से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, दिल्ली में 11 वन स्टॉप सेंटर, 15 महिला आश्रय गृह और 20 संरक्षण अधिकारी उपलब्ध हैं। कामकाजी महिलाओं के लिए 2427 क्षमता वाले 14 हॉस्टल संचालित हैं। विश्वास नगर और रोहिणी में अतिरिक्त आवास सुविधा शुरू करने की तैयारी है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए भी व्यवस्था की गई है।
सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व निगरानी : महिलाओं की सुरक्षा के लिए डीटीसी में 2947 बस मार्शल तैनात हैं और 56 महिला विशेष बसें चल रही हैं। इनमें 15 बसें शाम की पाली में संचालित होती हैं। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 2,53,983 सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं और विभाग की सड़कों पर 96 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हैं।
बच्चों की सुरक्षा भी बढ़ा रहे
सीएम ने कहा, दिल्ली में 30 सरकारी और 56 गैर-सरकारी बाल देखभाल संस्थान हैं। बच्चों की मदद के लिए 11 जिला बाल संरक्षण इकाइयां काम कर रही हैं। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 1397 स्कूलों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध शिकायत निवारण से महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
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2.53 लाख सीसीटीवी कैमरे, 2947 बस मार्शल तैनात, 1397 स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में किसी महिला या बच्चे को संकट के समय मदद के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सुरक्षा, परामर्श, आश्रय, कानूनी सहायता और पुनर्वास की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। ये बातें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहीं। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन 181 को आपातकालीन हेल्पलाइन 112, वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित अन्य सहायता सेवाओं से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, दिल्ली में 11 वन स्टॉप सेंटर, 15 महिला आश्रय गृह और 20 संरक्षण अधिकारी उपलब्ध हैं। कामकाजी महिलाओं के लिए 2427 क्षमता वाले 14 हॉस्टल संचालित हैं। विश्वास नगर और रोहिणी में अतिरिक्त आवास सुविधा शुरू करने की तैयारी है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए भी व्यवस्था की गई है।
सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व निगरानी : महिलाओं की सुरक्षा के लिए डीटीसी में 2947 बस मार्शल तैनात हैं और 56 महिला विशेष बसें चल रही हैं। इनमें 15 बसें शाम की पाली में संचालित होती हैं। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 2,53,983 सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं और विभाग की सड़कों पर 96 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हैं।
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बच्चों की सुरक्षा भी बढ़ा रहे
सीएम ने कहा, दिल्ली में 30 सरकारी और 56 गैर-सरकारी बाल देखभाल संस्थान हैं। बच्चों की मदद के लिए 11 जिला बाल संरक्षण इकाइयां काम कर रही हैं। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 1397 स्कूलों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध शिकायत निवारण से महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
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