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बेबसी! 5 किमी पैदल चलकर राशन लेने पहुंची महिला तहसील गेट पर हुई बेहोश, फिर भी खाली हाथ लौटी
Sat, 16 May 2020 10:30 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, मोदीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मोदीनगर
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 16 May 2020 10:30 PM IST
सार
-गेट पर तैनात कर्मचारियों ने महिला को अंदर नहीं घुसने दिया, निराश होकर लौटी
-बिलखते बच्चे को गोद में लिए घंटों राशन मिलने के इंतजार में चिलचिलाती धूप में बैठी रही
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राशन की लाइन (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
ये खबर हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचाने के जिले के अफसरों के दावे को आइना दिखाने वाली है। घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की है। एक महिला दो साल के बच्चे को गोद में लेकर मोदीनगर तहसील पहुंची। घर में खाने-पीने का सामान खत्म हो गया तो कई दिनों की भूखी-प्यासी महिला इस उम्मीद में तहसील पहुंच गई कि वहां तो तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक कई अधिकारी-कर्मचारी बैठते हैं। वे राशन दिला देंगे। लेकिन वहां बात सुनना तो दूर गेट पर तैनात कर्मचारी ने उसे अंदर घुसने ही नहीं दिया। भूख-प्यास से परेशान महिला चिलचिलाती धूप में गेट पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। वहां मौजूद लोगों ने उसे पानी पिलाया और एक पेड़ के नीचे बैठाया। महिला घंटों इंतजार करने के बाद निराश होकर लौट गई।
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मूलरूप से पिलखुवा निवासी महिला ललिता अपने दो छोटे छोटे बच्चों के साथ मोदीनगर की बलवंतपुरा कॉलोनी में किराए पर रहती है। उसका पति संदीप यहां एक कपड़ा फैक्टरी में मजदूरी करता था। लेकिन लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गया। परिवार के सामने खाने का संकट पैदा हो गया। परिवार कई दिनों से भूखा था। इसी बीच किसी ने तहसील में राशन मिलने की जानकारी दी। जिसके बाद ललिता शनिवार सवेरे अपने दो साल के बच्चे को गोद में लिए पांच किलोमीटर पैदल चलकर राशन लेने तहसील पहुंची। लेकिन यहां गेट पर तैनात कर्मचारियों ने अधिकारियों का आदेश बताते हुए उसे तहसील में नहीं घुसने दिया। महिला ने उनसे बार बार मिन्नत की मगर किसी का दिल नहीं पसीजा। इस बीच महिला गश खाकर गिर गई। किसी तरह लोगों ने उठाकर उसे पानी पिलाया। घंटों भटकने के बाद महिला बैरंग अपने घर लौट गई।
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मामला संज्ञान में आया तो नोडल अधिकारी व नायब तहसीलदार कोमल पंवार ने गेट पर तैनात कर्मचारियों की लापरवाही बताकर अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास किया। पूछने पर बताया कि महिला का नाम पता मालूम करके उसे राशन दिलाया जाएगा।
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एसडीएम सौम्या पांडेय ने बताया कि महिला के घर का पता लगाकर उसे राशन पहुंचा दिया गया है। तहसील गेट पर कर्मचारी ने उसे अंदर क्यों नहीं आने दिया, इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।