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Delhi NCR News: हादसे में छह प्रतिशत दिव्यांग हुई महिला, मिलेगा 8.49 लाख मुआवजा
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-हादसा 18 जनवरी 2021 को हुआ था
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क हादसे में घायल हुई एक महिला को 8.49 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने मुआवजा तय करते समय महिला की मासिक आय 30 हजार रुपये मानी। पीठासीन अधिकारी मनीष खुराना ने हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन की बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 30 दिन के भीतर मुआवजे की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। तय समय में भुगतान नहीं करने पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा।
अदालत के आदेश के अनुसार, हादसा 18 जनवरी 2021 को हुआ था। उस समय 33 वर्षीय महिला अपने पति और बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर बवाना के पास जा रही थी। मोटरसाइकिल उसके पति चला रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में महिला, उसके पति और बेटे को गंभीर चोटें आई थीं। जांच के दौरान ट्रिब्यूनल ने माना कि दुर्घटना कार चालक अमित कुमार की लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण हुई। चालक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। मुआवजे की राशि तय करते समय ट्रिब्यूनल ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया। इसमें गृहिणी के घर संभालने के काम का आर्थिक महत्व मानते हुए उसकी मासिक आय 30 हजार रुपये माने जाने की बात कही गई थी। महिला के बाएं पैर में छह प्रतिशत स्थायी विकलांगता भी पाई गई। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए ट्रिब्यूनल ने उसे कुल 8.49 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क हादसे में घायल हुई एक महिला को 8.49 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने मुआवजा तय करते समय महिला की मासिक आय 30 हजार रुपये मानी। पीठासीन अधिकारी मनीष खुराना ने हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन की बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 30 दिन के भीतर मुआवजे की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। तय समय में भुगतान नहीं करने पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा।
अदालत के आदेश के अनुसार, हादसा 18 जनवरी 2021 को हुआ था। उस समय 33 वर्षीय महिला अपने पति और बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर बवाना के पास जा रही थी। मोटरसाइकिल उसके पति चला रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में महिला, उसके पति और बेटे को गंभीर चोटें आई थीं। जांच के दौरान ट्रिब्यूनल ने माना कि दुर्घटना कार चालक अमित कुमार की लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण हुई। चालक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। मुआवजे की राशि तय करते समय ट्रिब्यूनल ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया। इसमें गृहिणी के घर संभालने के काम का आर्थिक महत्व मानते हुए उसकी मासिक आय 30 हजार रुपये माने जाने की बात कही गई थी। महिला के बाएं पैर में छह प्रतिशत स्थायी विकलांगता भी पाई गई। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए ट्रिब्यूनल ने उसे कुल 8.49 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
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