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बिना विसरा रिपोर्ट नहीं लगेगी चार्जशीट-एफआर
अरीश रिजवी/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 31 Jan 2014 10:14 AM IST
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अब बिना विसरा रिपोर्ट पुलिस वाले चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट (एफआर) नहीं लगा सकेंगे। डीजीपी ने यूपी पुलिस को फरमान और गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें बहराइच पुलिस द्वारा बिना विसरा रिपोर्ट चार्जशीट लगाने का हवाला दिया गया है, जिसका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट के संज्ञान लेने पर प्रदेश के आला अफसर जागे हैं।
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डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण निश्चित न होने केकारण विसरा सुरक्षित किया गया हो तो उसे तुरंत विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाए। परीक्षण का परिणाम प्राथमिकता के आधार पर अभियुक्त की गिरफ्तारी के 60 दिन के अंदर भेजे जाने के लिए प्रयोगशाला को लिखा जाए।
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पत्राचार के बाद भी अगर विसरा रिपोर्ट नहीं मिलती है तो ऐसे मामलों में जिनमें विसरा परीक्षण रिपोर्ट ही मृत्यु का कारण सुनिश्चित करती हो, उनमें आरोप पत्र या अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल न की जाए। विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद ही फाइनल रिपोर्ट या चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाए।
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डीजीपी ने लखनऊ के विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए लिखा है कि हत्या, दहेज हत्या आदि अभियोगों में अभियुक्त की गिरफ्तारी के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है, लिहाजा विसरा परीक्षण रिपोर्ट 30 दिन के अंदर उपलब्ध कराएं।
क्या है विसरा
मौत की वजह स्पष्ट न होने पर आमाशय में अधपके भोजन का रस, फेफड़े, छोटी-बड़ी आंत और किडनी का कुछ हिस्सा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया जाता है, जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाता है।