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दिल्ली : तेज हवाएं सुधार सकती हैं हवा की सेहत, अब भी खराब बनी हुई है वायु गुणवत्ता

Fri, 24 Nov 2017 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 24 Nov 2017 09:57 AM IST
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wind can normalize dealhi's weather, still pollution is all round in the city

दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव जारी है। बृहस्पतिवार शाम 4 बजे बीते 24 घंटों के आधार पर जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का वायु गुणवत्ता सूचकांक बताता है कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब से खराब श्रेणी में आ चुकी है, जबकि गाजियाबाद की हवा फिर से बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है।

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इसी तरह से यूपी की राजधानी लखनऊ, कानपुर जैसे शहरों में हवा की गुणवत्ता लगातार बेहद खराब श्रेणी में रिकॉर्ड की जा रही है।  स्थानीय प्रदूषण रुकने के साथ तेज हवाएं और सुबह-शाम वायुमंडलीय मिश्रित परत की ऊंचाई यदि 1000 मीटर से ही ऊपर बनी रहेंगी तभी हवा में सुधार की गुंजाइश बन सकती है।
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मौजूदा वायु प्रदूषण की प्रमुख वजहों में स्थानीय प्रदूषण को प्रबल जिम्मेदार माना जा रहा है। हालांकि नासा की सेटेलाइट इमेज यह स्पष्ट करती हैं कि न सिर्फ पंजाब, हरियाणा बल्कि दिल्ली की सीमाओं में भी आग लगी हुई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) का इस संबंध में कहना है कि वह इसकी जांच कराएगी।

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प्रदूषण फैलाने वाले जेनसेट पर यह कैसी रोक

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pollution - फोटो : G. pal

बारात का सीजन है और प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली में जेनसेट का इस्तेमाल जारी है। शहर में कई जगह जेनरेटर का इस्तेमाल दिखाई दिया। पहला सुप्रीम कोर्ट के सामने मथुरा रोड पर बोरिंग के दौरान जेनसेट का इस्तेमाल और मयूर विहार फेस थ्री में जीडी कॉलोनी के पास सड़क पर बारात में दो-दो जेनसेट का इस्तेमाल करते हुए लोग दिखाई दिए।

जेनसेट के कारण भी वायु प्रदूषण होता है। ऐसे ही शहर के कितने हिस्से होंगे, जहां लोग बिना अनुमति जेनसेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक अगले तीन दिनों तक वायु गुणवत्ता में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 की स्थिति बेहद खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी। 

निर्माण कार्य से प्रदूषण मामले पर 14 जनवरी को सुनवाई 
एनजीटी ने प्रतिबंध के दौरान निर्माण कार्य से प्रदूषण फैलाने के मामले पर 14 जनवरी को अगली सुनवाई तय की है। पीठ ने कहा है कि ऐसे उल्लंघनकर्ता, जिन्होंने वायु प्रदूषण करने के बाद जुर्माना भरने से इंकार किया है उन पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।

सीपीसीबी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 

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delhi pollution - फोटो : ANI

स्थान                   एक्यूआई 
गाजियाबाद           412
नोएडा                   307 
दिल्ली                  288  
गुरुग्राम                273  
लखनऊ                337 
कानपुर                 370 
मुरादाबाद              393 

 नोट : सीपीसीबी के यह आंकड़े शाम 4 बजे तक बीते 24 घंटे का हाल बताते हैं। गंभीर वायु गुणवत्ता सूचकांक 401-500 का अंक दर्शाती है। जबकि 301-400 का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी को दर्शाता है। इससे नीचे यानी 101 से 200 का सूचकांक खराब हवा का सूचक है। 

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