खुलेगा फर्मों का राज: काली कमाई के फेर में कई और पर कसा जा रहा शिकंजा
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काली कमाई से ‘कुबेर’ बने यादव सिंह, उनकी पत्नी कुसुमलता और सहयोगी रामेंद्र सिंह समेत 14 के खिलाफ चार्जशीट पर संज्ञान होने के बाद सीबीआई इस बात की पड़ताल कर रही है कि जिन फर्मों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है, उनमें पार्टनर कौन-कौन लोग हैं।
यादव सिंह के साथ ही सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में सात सरकारी अधिकारियों और चार निजी लोगों को आरोपी बनाया है। इसी चार्जशीट में सीबीआई ने नोएडा सेक्टर-15 स्थित मैसर्स तिरुपति कंस्ट्रक्शन, आरडीसी गाजियाबाद की मैसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर और नेहरू नगर गाजियाबाद की ही मैसर्स जेपीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी को भी आरोपी बनाया है।
सीबीआई सूत्र बताते हैं कि इन तीनों कंपनियों को जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों के ठेके दिए गए, उससे साफ जाहिर है कि इसमें कई रसूखदार शामिल हो सकते हैं।
पड़ताल की जा रही है कि किस फर्म में किसकी और कितनी हिस्सेदारी थी
पता चला है कि इन तीनों ही फर्मों में कई रसूखदारों ने अपनी-अपनी ‘पत्ती’ लगा रखी है। कोई पांच, कोई 30 और कोई 50 प्रतिशत तक का पार्टनर है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो अब इसी बात की पड़ताल की जा रही है कि किस फर्म में किसकी और कितनी हिस्सेदारी थी।
बता दें कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे में चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ सीबीआई ने 15 मार्च को चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
29 मार्च को विशेष न्यायाधीश जी. श्रीदेवी ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए अन्य सभी आरोपियों को समन भेजकर कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।