सबसे बड़े सीरियल किलिंग का छुपा सच अब होगा बेनकाब
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'खूनी कोठी’ (डी-5) का रहस्य बहुत जल्द ही उजागर होने वाला है। देश के सबसे बड़े सीरियल किलिंग का छिपा हुआ सच और निठारी कांड से जुड़े हर अनसुलझे प्रश्नों का उत्तर बहुत ही जल्द सभी के सामने होगा।
यह खुलासा एक ऐसी किताब के जरिये होने जा रहा है जिसके लेखक कोई और नहीं बल्कि निठारी कांड के तत्कालीन जांच अधिकारी (डीएसपी) दिनेश यादव हैं।
ये वही दिनेश यादव हैं जिन्हें निठारी कांड के बाद सस्पेंड किया गया था। मामला सीबीआई के पास जाने के बाद उन्हें सीबीआई ट्रायल भी झेलना पड़ा था।
लाशों से देश ही नहीं पूरी दुनिया हिल गई थी
29 दिसंबर 2006 का वह दिन, जब नोएडा सेक्टर-31 स्थित निठारी की डी-5 कोठी और नाले की खुदाई होने पर मिले नर कंकालों और लाशों से देश ही नहीं पूरी दुनिया हिल गई थी।
यह कोठी किसी साधारण व्यक्ति का नहीं बल्कि एक बड़े कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की है। दो दर्जन से ज्यादा बच्चों की भयावह तरीके से हत्या इसी कलंकित कोठी में हुई थी।
उस समय जिले के कप्तान आरकेएस राठौड़ थे और निठारी कांड की जांच उन्होंने तत्कालीन डीएसपी दिनेश यादव को सौंपी थी। फिलहाल दिनेश यादव नोएडा में ही एसपी सिटी के पद पर कार्यरत हैं।
दिनेश यादव को कर दिया गया था सस्पेंड
उस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की काफी आलोचना हुई और 10 जनवरी 2007 को केस की जांच की कमान सीबीआई के हाथों में चली गई। उसके बाद तीन फरवरी को दिनेश यादव को सस्पेंड कर दिया गया और एसएसपी आरकेएस राठौड़ को डीजीपी कार्यालय से अटैच कर दिया गया।
इस सीरियल किलिंग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। हालांकि मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को सजा भी हुई।
मगर डी-5 कोठी के कई ऐसे अनसुलझे पहलू और छुपे हुए सच हैं जिसके बारे में लोग जानना चाहते हैं। इसी सच को उजागर करने के लिए दिनेश यादव एक किताब लिख रहे हैं।
इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया
जिसके कुछ अंश उन्होंने लिख दिए हैं। उनका मानना है कि शायद ही इससे भयावह कोई घटना हो सकती है। एक पुलिस अधिकारी के रूप में इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया था।
एक बड़ा सवाल कि आखिर उन मासूम बच्चों की क्या गलती थी। दिनेश यादव एसपी सिटी के मुताबिक निठारी कांड पर एक किताब लिख रहा हूं। डी-5 कोठी के छुपे हुए कुछ ऐसे रहस्य हैं जिनके बारे में लोग जानना चाहते हैं।
बतौर जांच अधिकारी रहते इस घटना को मैने बहुत करीब से देखा है। किताब के कुछ प्रमुख अंश लिख चुका हूं। बहुत जल्द किताब आप सब के सामने होगी।