परेशानी खत्म, अस्पतालों में होगी 100 फीसदी दवाएं
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हड़ताल पर गए डॉक्टरों के साथ हुई लंबी बैठ्क में दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह 15 अगस्त तक दिल्ली के सभी अस्पतालों में 100 फीसदी दवाएं उपलब्ध करा देंगे। डॉक्टरों की मांग पर सरकार ने बंद पड़े ऑपरेशन थियेटर्स को दो माह में सर्वे कराकर चालू कराने की बात भी मान ली है।
हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स के साथ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ दिल्ली सचिवालय में लंबी बैठक के बाद सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है। बैठक के बाद सरकार ने रेजिडेंट डॉक्टर्स की सभी 19 मांगे मानने का निर्णय लिया है।
वहीं एमसीडी और केन्द्र सरकार के अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों की मांग पूरी करने के लिए भी अभी फैसला होना है लिहाजा रेजीडेंट डॉक्टर्स ने हड़ताल को जारी रखने का निर्णय लिया है। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) के महासचिव डॉ.रविन्द्र चौहान ने बताया कि करीब दो घंटे की बैठक स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई। मांगे मानने का निर्णय लिया गया है, हम लिखित में कॉपी देर रात मिल गई है। साथियों के साथ देर रात बैठक करके आगे का फैसला लिया जाएगा।
ये भी किया वायदा
उधर सरकार ने डॉक्टर्स के साथ हुई बैठक का मिनट्स भी सार्वजनिक कर दिया है। सरकार ने देर रात जारी मीटिंग मिनट्स में कहा है कि वह दवाएं उपलब्ध कराएगी। साथ ही अस्पतालों में होने वाली रोगी कल्याण समिति में रेजीडेंट डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ को भी शामिल करेगी और हॉस्टल की संख्या भी बढ़ाएगी। रेजीडेंट डॉक्टरों को अनुबंध पर रखने के बजाए पक्की नौकरी पर रखने की भी तैयारी कर रही है।
यही नहीं डॉक्टरों से कहा गया है कि अब उनकी सैलरी प्रत्येक माह की सात तारीख को आ जाएगी। अस्पतालों को चिकित्सा अधीक्षकों से रेजीडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दे दिए गए है। दिल्ली सरकार ने रेजीडेंट डॉक्टरों की मांग को जाएज बताते हुए केंद्र सरकार व एमसीडी को लिखा है कि उनकी मांगे हमने मान ली है उसी के आधार पर वहां पर भी उनकी मांग मान ली जाए।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस ट्वीट पर डॉ. चौहान ने कहा कि शनिवार को कोई दिल्ली सरकार से बाचतीत के लिए कोई आधिकारिक सूचना रेजिडेंट डॉक्टर्स को नहीं मिली। शनिवार रात को मैसेज जरुर मिला था लेकिन उतनी रात में बैठक संभव कैसे हो सकती है। रविवार को भी बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया था। जबकि केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा है कि बातचीत के लिए बुलाया गया लेकिन आए नहीं, बात तो करो।