23 मई को होगा फैसला किसने की IPL में स्पॉट फिक्सिंग
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आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में निलंबित क्रिकेटर श्रीसंत, अजीत चंदीला, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील व दर्जनों बुकीज समेत 42 आरोपियों के खिलाफ आरोपों पर अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व लिखित दलीलें रिकॉर्ड पर लेने के बाद आरोपों पर फैसला 23 मई तक सुरक्षित रख लिया। पटियाला हाउस अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीना कृष्णा बंसल ने विशेष लोक अभियोजन अधिकारी राजीव मोहन की ओर से लिखित दलीलें पेश किये जाने के बाद आरोपों पर शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के बीच फोन पर बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि यह लोग मैच फिक्सिंग व सट्टा रैकेट में शामिल थे।
42 लोगों को बनाया गया था आरोपी
अधिवक्ता राजीव मोहन ने कहा मोबाइल की कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) से यह बात साबित करती है कि आरोपियों के बीच मैच फिक्सिंग द्वारा पैसा कमाने के लिये गठजोड़ था। पुलिस ने इस मामले में 42 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से दाऊद, छोटा शकील समेत छह आरोपी फरार हैं।
पुलिस का दावा है कि इस मामले के पीछे दाऊद व छोटा शकील का हाथ है। यह दोनों विदेश से भारत में मैच फिक्सिंग व सट्टे का रैकेट चलाते हैं। अदालत ने पुलिस के आवेदन पर दाऊद व छोटा शकील को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
पुलिस ने मुंबई ब्लास्ट 1993 के बाद दाऊद व शकील की प्रॉपर्टी की कुर्की करने की जानकारी कोर्ट को दी थी। इसके बाद यह दोनों आरोपी कभी भारत नहीं आए।
अदालत ने मकोका मामले में पर्याप्त साक्ष्य न होने के मद्देनजर श्रीसंत, अंकित चवान व अन्य आरोपियों को दस जून 2013 को जमानत प्रदान कर दी थी। इसके बाद अजीत चंदीला व अन्य आरोपियों को जमानत प्रदान की थी।