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Delhi NCR News: जिस पोर्टल से प्रोजेक्ट की निगरानी, उसी पर डेटा में गड़बड़ियां
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-पीडब्ल्यूडी को तीसरी बार ट्रेनिंग की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को लेकर विभाग के अंदर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। परियोजनाओं और उनसे जुड़े मुद्दों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दिल्ली प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप पोर्टल पर डेटा अपलोड करने में गलतियां सामने आने के बाद विभाग को अपने अधिकारियों के लिए दोबारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि इससे पहले 21 मई और 27 अप्रैल को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, लेकिन दोनों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति 40 प्रतिशत से भी कम रही।
पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता कार्यालय की ओर से जारी कार्यालय ज्ञाप में कहा गया है कि पिछले दो प्रशिक्षण सत्रों में 40 प्रतिशत से कम संबंधित पीडब्ल्यूडी अधिकारी शामिल हुए। इसके चलते पोर्टल पर डेटा अपलोड करने में गलतियां और त्रुटियां सामने आईं। विभाग ने पोर्टल पर परियोजनाओं और लंबित मुद्दों को अपडेट करने की स्थिति, तकनीकी दिक्कतों और अधिकारियों की ओर से सामने आ रही शंकाओं को देखते हुए एक बार फिर प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को लेकर विभाग के अंदर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। परियोजनाओं और उनसे जुड़े मुद्दों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दिल्ली प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप पोर्टल पर डेटा अपलोड करने में गलतियां सामने आने के बाद विभाग को अपने अधिकारियों के लिए दोबारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि इससे पहले 21 मई और 27 अप्रैल को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, लेकिन दोनों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति 40 प्रतिशत से भी कम रही।
पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता कार्यालय की ओर से जारी कार्यालय ज्ञाप में कहा गया है कि पिछले दो प्रशिक्षण सत्रों में 40 प्रतिशत से कम संबंधित पीडब्ल्यूडी अधिकारी शामिल हुए। इसके चलते पोर्टल पर डेटा अपलोड करने में गलतियां और त्रुटियां सामने आईं। विभाग ने पोर्टल पर परियोजनाओं और लंबित मुद्दों को अपडेट करने की स्थिति, तकनीकी दिक्कतों और अधिकारियों की ओर से सामने आ रही शंकाओं को देखते हुए एक बार फिर प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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