JNU: हमेशा के लिए रद्द किया जाएगा दोषी वकीलों का लाइसेंस
जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पेशी के दौरान पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में हिंसा करने वाले वकीलों के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने कार्रवाई का निर्णय किया है।
बीसीआई ने हाईकोर्ट के अवकाशप्राप्त जज की अध्यक्षता में मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है। बीसीआई ने स्पष्ट कर दिया कि हिंसा करने वाले वकीलों का लाइसेंस आजीवन रद्द कर दिया जाएगा।
बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कन्हैया कुमार की पुन: पेशी के दौरान भी वकीलों ने अदालत में मारपीट की।
रिटायर जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई
मीडियाकर्मी अदालत परिसर में कवरेज के लिए आते हैं और उनसे मारपीट निंदनीय है। बीसीआई की ओर से वह मीडिया और कन्हैया से माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है।
कमेटी पटियाला हाउस अदालत में 15 व 17 फरवरी को हुई घटना के अलावा मीडियाकर्मियों, कन्हैया व छात्रों पर हुए हमले की जांच के अलावा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित वरिष्ठ वकीलों के ग्रुप से किए गए दुर्व्यवहार की भी जांच करेगी।
कमेटी को तीन सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने का आग्रह किया गया है। रिपोर्ट आते ही दोषी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनका लाइसेंस आजीवन रद्द किया जा सकता है।