{"_id":"5c8190babdec2214183529e1","slug":"wildlife-safari-coming-soon-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्लीवासी वाइल्ड लाइफ सफारी का उठा सकेंगे लुत्फ, दिखेगी मिनी इंडिया की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्लीवासी वाइल्ड लाइफ सफारी का उठा सकेंगे लुत्फ, दिखेगी मिनी इंडिया की झलक
Fri, 08 Mar 2019 03:14 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 08 Mar 2019 03:14 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्लीवासी जल्द ही वाइल्ड लाइफ सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। केंद्र सरकार बदरपुर थर्मल पावर प्लांट की करीब 884 एकड़ जमीन पर सिटी फॉरेस्ट का विकास होगा। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, करीब 343 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट अगले दो साल में पूरा हो जाएगा। केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय के परामर्श से एनटीपीसी इस प्रोजेक्ट का विकास करेगा। इसके साथ ही द्वारका में भारत वंदना पार्क का विकास भी होना है।
विज्ञापन
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सिटी फॉरेस्ट दिल्लीवालों के लिए बेहतरीन अनुभव का अहसास कराया। यह चिड़ियाघर से अलग है। यहां सारी चीजों का विकास प्राकृतिक तरीके से होगा। शाकाहारी और मांसाहारी पशुओं के साथ सिटी फॉरेस्ट में दिल्ली के स्थानीय पौधों का रोपण कराया जाएगा। हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि एनटीपीसी का पावर प्लांट पिछले साल 15 अक्तूबर को बंद कर दिया गया था।
विज्ञापन
इस जगह का इस्तेमाल अब सिटी फॉरेस्ट के तौर पर होगा। मंत्रालय अधिकारी बताते हैं कि डीपीसीसी व एनजीटी ने बीते 25 जनवरी को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसका विकास तीन चरणों में होगा। पहले फेज का टेंडर आवंटित कर दिया गया है। संबंधित एजेंसी ने मौके पर काम भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
दूसरी तरफ द्वारका सेक्टर 20 में डीडीए करीब 200 एकड़ जमीन पर भारत वंदना पार्क का विकास करेगा। बड़ी झील होने के साथ पार्क में भारत की विविधता में एकता की झलक मिलेगी। पूरे प्रोजेक्ट पर 446 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। डीडीए उपाध्यक्ष तरुण कपूर के मुताबिक, पूरा प्रोजक्ट दो साल में तैयार हो जाएगा। इसमें भारत के हर क्षेत्र की खूबियों को दर्शाया जाएगा। इसका निर्माण एनबीसीसी करेगा।