दिल्ली में बड़ी संख्या में डॉक्टर-नर्स क्यों हो रहे हैं कोरोना संक्रमित, असलियत जानकर होंगे हैरान!
- PPE किट्स तो छोड़िए साबुन और सैनिटाइजर तक नहीं मिल रहे स्वास्थ्यकर्मियों को
- बाबू जगजीवन राम अस्पताल में हो रहा सैनिटाइजेशन, जल्द दोबारा खोलने की कोशिश
- 70 स्वास्थ्यकर्मियों में संक्रमण के बाद बंद कर दिया गया था अस्पताल
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विस्तार
स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें गाउन, एन-95 मास्क और सैनिटाइजर तक पर्याप्त मात्रा में नहीं दिये गए। सैनिटाइजर की कम मात्रा होने पर उसमें ज्यादा मात्रा में पानी मिलाकर दिया गया। यही वजह रही कि यहां ज्यादा मात्रा में स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हुए।
जहांगीरपुरी के हॉटस्पॉट के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
बाबू जगजीवन राम अस्पताल दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में है, जो कोरोना संक्रमण के लिहाज से हॉटस्पॉट बना हुआ है। यहां भारी संख्या में कोरोना मरीज पाए गए हैं और यहां की कई गलियों को सील कर दिया गया है। आरोप है कि इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सचेत नहीं हुआ, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।
क्या है स्थिति
कोरोना से बचाव के लिए कर्मचारियों को सुविधाएं न देने की शिकायत जीबी पंत अस्पताल से भी आई थी। जीबी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च अस्पताल में न्यूरोलोजी, कार्डियोलॉजी और गैस्ट्रो के मरीजों की देखभाल के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं।
नए मरीज को आने के बाद इसमें उसका कोरोना टेस्ट करना अनिवार्य कर दिया गया। लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए कोई कोशिश नहीं की जा रही है। कर्मचारियों ने इसके खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन भी किया।
अस्पताल के नर्सिंग असोसिएशन के अध्यक्ष लीलाधर रामचंदानी ने अमर उजाला को बताया कि उन्हें पीपीई किट्स तक नहीं दिए जा रहे हैं। ऐसे में कई अन्य अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों की तरह उनके साथियों को भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है।
हरियाणा-यूपी से प्रवेश तक नहीं
दिल्ली में कोरोना से जूझ रहे स्वास्थ्यकर्मियों को यूपी-हरियाणा से दिल्ली में आने से भी रोका जा रहा है। हरियाणा ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में काम कर रहे सरकारी कर्मचारी उसके यहां से प्रतिदिन आवागमन नहीं कर सकेंगे।
इससे गुरुग्राम, फरीदाबाद, कापसहेड़ा बॉर्डर और बदरपुर बॉर्डर के दूसरी ओर से आने वाले लगभग 800 स्वास्थ्यकर्मियों के सामने नौकरी करने का संकट पैदा हो गया है।
ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सिंग फेडरेशन की अध्यक्ष अनिता पवार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से स्वास्थ्यकर्मियों से बेहतर ढंग से पेश आने की अपील की थी। लेकिन यहां हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें ही उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं।
ऐसे में उन मकान मालिकों को भी गलत करने से नहीं रोका जा सकेगा, जो डॉक्टरों को अपने घरों में रहने से मना कर रहे थे।
स्वास्थ्यमंत्री ने कहा
दिल्ली के स्वास्थ्यमंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि स्वास्थ्यकर्मियों को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से दिल्ली में आने की अनुमति देनी चाहिए। इसके संदर्भ में उनकी इन राज्यों सरकारों से बातचीत चल रही है। जल्दी ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।
कितने नर्सिंग स्टाफ
नर्सिंग फेडरेशन के मुताबिक एम्स अस्पताल में लगभग पांच हजार नर्सें काम करती हैं। इसके अलावा केंद्र के अन्य अस्पतालों में भी लगभग पांच हजार नर्सें, ईएसआईसी अस्पतालों में लगभग 800 नर्सें और 2000 एएनएम और भारी संख्या में लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारी काम करते हैं।
इनमें से अनेक हरियाणा और गाजियाबाद-नोएडा में निवास करते हैं। इन लोगों को दिल्ली आने में परेशानी हो रही है।
कितने हुए संक्रमित
बाबू जगजीवन राम अस्पताल में 70 लोगों के अलावा एम्स में 8, सफदरजंग अस्पताल में 8, बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल में 29, दिल्ली कैंसर इंस्टीट्यूट में 26, लेडी हार्डिंग अस्पताल में 14 और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भी सात स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं।
इनके अलावा मैक्स पटपड़गंज में 33, मैक्स साकेत में तीन, सर गंगाराम अस्पताल में तीन और कुछ प्राइवेट अस्पतालों में भी अनेक स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रर्मित हो चुके हैं।