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हाईकोर्ट ने पूछा, मुंबई की तरह राजधानी महिलाओं के लिए सुरक्षित क्यों नहीं
Thu, 01 Aug 2019 06:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 01 Aug 2019 06:19 AM IST
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DELHI HIGH COURT
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आखिर गड़बड़ी कहां है? यह सवाल हाईकोर्ट ने राजधानी में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों व उनकी सुरक्षा पर चिंता जाहिर करते हुए दिल्ली पुलिस से पूछा है।
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हाईकोर्ट ने कहा जब मुंबई में रात को महिलाएं घूम सकती हैं तो देश की राजधानी में क्यों नहीं? जबकि यहां सर्वश्रेष्ठ संसाधन व अनुभवी अधिकारी हैं। क्या मुबंई की तरह राजधानी में भी महिलाओं को सुरक्षा नहीं दी जा सकती?
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न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को महिलाओं के लिए अपराध मुक्त बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करें।
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सरकार के मुख्य सचिव भी इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों के साथ बैठक करें और उसे अमली जामा पहनाएं। खंडपीठ ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए रखे गए कोष का इस्तेमाल सीसीटीवी कैमरा व सड़कों पर लाइट लगाने में खर्च करने पर अपनी सहमति दी है।