'यौन अपराध रोकने वाले विज्ञापन क्यों नहीं लगाती आप सरकार?'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को अपनी प्रशंसा करने वाले विज्ञापन जारी करने को लेकर एक बार फिर फटकार लगाई है।
कोर्ट ने कहा है कि सरकार को अपने महिमामंडन के बजाय महिलाओं के प्रति अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले विज्ञापन जारी करने चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि वो परेशान करते रहे और हम काम करते रहे जैसे विज्ञापन जारी करने के बजाय सरकार यौन अपराधों को रोकने के लिए विज्ञापन क्यों जारी नहीं कर सकती।
'अबतक क्यों नहीं बनी डॉक्यूमेंट्री या शॉर्ट फिल्म'
जस्टिस कैलाश गंभीर व जस्टिस सुनीता गुप्ता ने कहा कि सरकार को अपनी प्रशंसा वाले विज्ञापन जारी करने के बजाय यौन अपराधों को कम करने में सहायक विज्ञापन रेडियो व टीवी पर बार-बार प्रसारित करने चाहिए।
जिससे आम लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो। हाईकोर्ट ने यौन अपराधों को कम करने के लिए जन जागृति के प्रति उदासीन रवैये पर भी केंद्र व दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया।
कोर्ट ने कहा कि कई निर्देश दिए जाने के बाद भी सरकार इस संबंध में एक भी डॉक्यूमेंट्री या शॉर्ट फिल्म नहीं बना सकी है। कोर्ट ने अगली तारीख तक इस विषय पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का निर्देश संबंधित मंत्रालय को दिया है।