फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   why juvenile accuse of nirbhaya deserve to get second chance

...इसलिए नाबालिग दोषी को मिलना चाहिए दूसरा मौका

Sun, 20 Dec 2015 06:57 PM IST
Updated Sun, 20 Dec 2015 06:57 PM IST
विज्ञापन
why juvenile accuse of nirbhaya deserve to get second chance

20 दिसंबर को ज्योति सिंह जिसे देश अब निर्भया के नाम से जानता है के साथ दरिंदंगी करने वाला नाबालिग दोषी बाल सुधार गृह से बाहर आ जाएगा।

विज्ञापन


ज्योति के मां-बाप से लेकर देश भर में इस नाबालिग की रिहाई पर हंगामा मचा हुआ है और हर ओर इस रिहाई को रोकने की मांग हो रही है।

असल में इस मांग का कारण एक मीडिया रिपोर्ट है जिसमें बताया गया कि निर्भया के साथ 12 दिसंबर 2011 की रात जो कुछ हुआ उसमें सबसे घृणित काम करने वाला यह नाबालिग ही था।
विज्ञापन


हालांकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाले एचएक्यू सेंटर फॉर चाइल्ड राइट की संचालिका एनाक्षी गांगुली का कहना है कि नाबालिग के बारे में यह अफवाह केवल दिल्ली पुलिस के सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने जो चार्जशीट दाखिल की उसमें ऐसी किसी बात का दावा नहीं किया गया था।

पुलिस ने पास नहीं था कोई ठोस सबूत

why juvenile accuse of nirbhaya deserve to get second chance

गांगुली का कहना है कि खुद निर्भया ने अपने बयान और घटना की रात उसके साथ मौजूद उसके बॉयफ्रैंड ने इस नाबालिग का अलग से कोई जिक्र  नहीं किया।

दोनों ने अपने बयान में ये कहीं नहीं कहा कि निर्भया के शरीर में लोहे की रॉड डालने वाला यही नाबालिग था। हां, ये बात सही है कि इस मामले में आरोपी और उस रात बस चला रहे राम सिंह ने अपने बयान में नाबालिग के बारे में अलग से कुछ बातें कहीं थीं।

नाबालिग के खिलाफ सबसे अहम सबूत खून में सनी शर्ट थी जिसके बारे में भी यह दावा किया गया कि यह राम सिंह की थी। गांगुली का कहना है कि इस नाबालिग के खिलाफ पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं थे।

वीर्य के निशान का भी नहीं हुआ मिलान

why juvenile accuse of nirbhaya deserve to get second chance

‌निर्भया के शरीर पर दांतों से काटे जाने के निशानों को मैच कराने के लिए भी नाबालिग के दांत के निशान नहीं लिए गए थे। इसके अलावा निर्भया के शरीर और उसके कपड़ों पर वीर्य के जो अवशेष मिले उसका भी मिलान नाबालिग से नहीं हुआ था।

गांगुली का कहना है कि शायद दिल्ली पुलिस को आभास था कि वो नाबालिग आरोपी को ज्यादा सजा नहीं दिलवा पाएंगे। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने अपने आदेश में कहा था कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि निर्भया के साथ नाबालिग ने सबसे हिंसक व्यवहार किया था।

इसके बावजूद नाबालिग को मौजूदा कानून में सबसे कठोर सजा दी गई क्योंकि वह एक घृणित घटना का हिस्सा था और उस वक्त वहां मौजूद था।

गांगुली का कहना है कि उसके खिलाफ कमजोर सबूत इस बात का संकेत हैं कि उसे सुधरने का एक और मौका मिलना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed