कौन थी एमबीबीएस छात्रा अनन्या, कॉलेज में एडमिशन के 12 दिन बाद ही लगा ली थी फांसी, नहीं मिला इंसाफ
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6 सितंबर 2017 के दिन बरेली के एक मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में एमबीबीएस छात्रा ने पंखे में दुपट्टे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। ये छात्रा थी अनन्या दीक्षित (Ananya Dixit)। इस वाकये को एक साल हो गए लेकिन आज भी अनन्या और उस जैसे अन्य छात्र-छात्राओं को आजतक इंसाफ नहीं मिला है। इसी को लेकर आज अनन्या के नाम से दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक कैंडिल मार्च निकाला जाएगा। जानिए कौन थी अनन्या और आखिर उसने एमबीबीएस कॉलेज में एडमिशन के 12 दिन के बाद ही फांसी क्यों लगा ली, पढ़ें पूरी कहानी।
अनन्या ने आज के ही दिन बरेली के श्रीराम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में पंखे में दुपट्टे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। अनन्या सुबह क्लास में पढ़ने गई लेकिन सहपाठियों से सिरदर्द की बात कहकर कमरे में लौट आई और फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी दोपहर में तब हुई जब स्वीपर के खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला। गार्डों को बुलाया गया तो छात्रा फंदे पर लटकती मिली।
नोएडा के सेक्टर- 62 के गेल अपार्टमेंट में रहने वाले अनादि दीक्षित की इकलौती बेटी अनन्या दीक्षित ने बीती 24 अगस्त को यहां के एक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था। अनन्या के पिता अनादि रिलायंस इंडस्ट्री में इंजीनियर हैं, जबकि मां एक प्राथमिक विद्यालय में टीचर हैं। अनन्या दोबारा 28 अगस्त को मेडिकल कॉलेज पहुंची थी, जहां उसे गर्ल्स हॉस्टल का कमरा नंबर 4 आवंटित किया गया था। कमरे में उसके साथ छात्रा नूपुर शर्मा और कुमारी हर्षिता भी रहती थीं।
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जब सहेलियां पहुंची कमरे में...
करीब सवा बारह बजे स्वीपर रश्मि झाड़ू लगाने के लिए कमरे पर पहुंची। दरवाजा नहीं खुला तो उसने गार्ड को बताया। गार्ड रामराज और योगेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने खिड़की का शीशा थोड़ा तोड़कर अंदर देखा तो अनन्या को दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका देखा। गार्ड ने प्रिंसिपल डॉ. पुरोहित को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद कॉलेज स्टाफ कमरे पर पहुंचा। दरवाजे में धक्का दिया गया तो चिटकनी खुल गई। बाद में पुलिस हॉस्टल पहुंची।
जब से बेटी इस दुनिया से गई है उनके पिता टूट से गए हैं। बस हर वक्त बेटी को इंसाफ दिलाने की बात करते रहते हैं। उनका आज भी यही मानना है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। इसी वजह से आज वह कैंडिल मार्च निकाल रहे हैं।
मानवाधिकार आयोग ने यूपी के डीजीपी और बरेली के एसएसपी को किया तलब
मेडिकल छात्रा अनन्या दीक्षित की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और बरेली के एसएसपी को तलब किया है। आयोग ने आदेश दिया कि है श्रीराम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज (एसआरएमएस) में अब तक हुईं मेडिकल छात्रों की मौतों की जांच रिपोर्ट भी पेश की जाए।
डीजीपी मुख्यालय को दिए नोटिस में आयोग ने कहा है कि अनन्या की मौत के प्रकरण में एसएसपी बरेली का जवाब संतुष्ट करने वाला नहीं है। एसआरएमएस में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा अनन्या का शव छह सितंबर को कॉलेज के हॉस्टल के कमरा नंबर चार में पंखे से लटका मिला था।
पुलिस ने मामला खुदकशी का मानकर पोस्टमॉर्टम कराया था, जबकि अनन्या के पिता नोएडा के सेक्टर 63 निवासी अनादि दीक्षित ने रैगिंग और अनन्या को कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रताड़ित करने के आरोप में भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अनादि को जब पता चला कि अनन्या से पहले भी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में नौ छात्रों की मौत हो चुकी है तो उन्होंने उनके अभिभावकों से संपर्क किया।
अनादि पुलिस के निष्पक्ष जांच न करने और कॉलेज प्रशासन का जांच में अपेक्षित सहयोग न मिलने पर मानवाधिकार आयोग, बाल संरक्षण आयोग और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इस पर मानवाधिकार आयोग ने चार सप्ताह के अंदर सभी केसों से संबंधित जांच रिपोर्ट तलब की। आयोग ने इस मामले में जारी नोटिस में कहा है कि डीजीपी कार्यालय और एसएसपी बरेली से जांच रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
आयोग ने यह भी कहा है कि पूरे मामले में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी आयोग के नोटिस का जवाब नहीं दिया है। अब आयोग ने चीफ सेक्रेटरी (यूपी) को भी नोटिस जारी किया है।