गोरे युवक और अंजान फोन नंबर से होगा नरौरा में कार में हुई मौत का खुलासा
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नरौरा नहर में चार लोगों की संदिग्ध हालात में मौत और युवती व ड्राइवर की गुमशुदगी की पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस संदिग्ध गोरे लड़के और एक मोबाइल नंबर की छानबीन कर रही है।
वहीं, चालक के परिजन भी रविवार को कासना कोतवाली पहुंचे और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस को जानकारी मिली है कि बदायूं ढाबे पर नशीले पदार्थ का सेवन करने के बाद जब राजे के परिवार के लोग बेहोश थे, उस दौरान वहां चालक भी बेहोश था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने चालक को गाड़ी की बीच की सीट पर बेहोशी की हालत में देखा था। वहीं, गाड़ी के पास एक लंबे कद का गोरा युवक खड़ा था। जांच में एक ऐसा फोन नंबर भी मिला है, जिसका इस्तेमाल घटना की रात दो बार किया गया था। इससे पहले और बाद में कोई कॉल नहीं की गई। इससे यह नंबर पुलिस रडार पर है और इसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।
100 किमी किसने चलाई गाड़ी?
पुलिस के सामने घटना से जुड़ा बड़ा सवाल यह भी सामने आया है कि जब बदायूं के ढाबे पर चालक बेहोश था तो वहां से लगभग 100 किलोमीटर दूर घटनास्थल तक ईको कार किसने चलाई।
वहीं, पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए हादसे में बचे राजे के परिवार के तीन सदस्यों से पूछताछ की तैैयारी कर रही है। पुलिस तीनों को आमने-सामने बैठाकर और फिर अलग-अलग भी पूछताछ कर सकती है।
पुलिस को किसने बैरंग लौटाया
पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि घटना की रात बदायूं पुलिस को किसी ने ढाबे पर कुछ लोगों के बेहोश होने की जानकारी दी थी। सूचना पर बदायूं पुलिस मौके पर पहुंची थी।
पुलिस ने पड़ताल की तो किसी ने उनसे यह कह दिया कि सभी लोग परिवार के हैं और बीमार हैं। पुलिस जवाब सुनकर वापस लौट गई। बदायूं पुलिस को किसने लौटाया था।
बदायूं दरगाह पर चादर चढ़ाने गया था मौलवी
कहीं संगीन केस की साजिश का वही सूत्रधार तो नहीं, पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है। खीर में तो नहीं डाला गया नशीला पदार्थ जांच में सामने आया है कि परिवार के लोगों ने खीर का भी सेवन किया था। इसके चलते पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नशीला पदार्थ खीर में था या कोल्डड्रिंक में।
बदायूं दरगाह पर चादर चढ़ाने गया था मौलवी
बुलंदशहर में पोस्टमार्टम के बाद रविवार दोपहर नवादा गांव में मौलवी सलीम को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। परिजनों के अनुसार सलीम चूड़ी बेचने का काम करता था।
बृहस्पतिवार सुबह उसके मोबाइल पर नवादा से कॉल आई थी। इसके बाद वह बदायूं दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए चला गया था। वह स्कूटी लेकर गया था जो आज भी नवादा में खड़ी है।