पिंजरे में कैद है 'विजय', जल्दी आएगा बाहर!
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दिल्ली चिड़ियाघर में बृहस्पतिवार को आने वाले दर्शक भी विजय को ही ढूंढ़ रहे थे। जू प्रशासन के मुताबिक सोमवार से विजय को खुले बाड़े में छोड़ा जा सकता है।
बृहस्पतिवार को बाघिन कल्पना बाहर निकली थी। उसे देखकर कई लोग समझ रहे थे कि वह वही बाघ है जिसने युवक को मार डाला था। वहां खड़े गार्ड सभी को जानकारी दे रहे थे कि विजय को पिंजरे से नहीं निकाला गया है।
मकसूद कहां से कूदा था और कहां गिरा था, दर्शकों में यह जानने की काफी उत्सुकता थी। भीड़ को देखते हुए बृहस्पतिवार को दो से ज्यादा गार्डों की तैनाती की गई थी।
चिड़ियाघर के क्यूरेटर रियाज अहमद खान ने बताया कि बाड़े नंबर आठ जहां सफेद बाघ है, वहां सबसे ज्यादा भीड़ है। इसलिए गार्डों की संख्या बढ़ा दी गई है।
शावक श्रवण का बाप है विजय
रियाज अहमद खान ने बताया कि विजय को बृहस्पतिवार को बाहर नहीं निकाला गया। अभी उसे तीन दिन और निगरानी में रखा जाएगा। संभवत: सोमवार को वह खुले बाड़े में दोबारा निकाला जाएगा। हालांकि यह डॉक्टरों की रिपोर्ट तय करेगी।
चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक दिल्ली चिड़ियाघर में शावक श्रवण का बाप विजय है और मां उसके बाड़े में ही रहने वाली कल्पना है। कल्पना को सात शावक हुए थे लेकिन उनमें से सिर्फ एक श्रवण ही बचा है।
वह अस्पताल में रहकर पला बढ़ा है। फिलहाल बाड़े नंबर आठ में रखा गया है। आठ महीने का यह शावक विजय की ही तरह फुर्तीला है। अभी उसे देखरेख में पिंजरे के अंदर ही रखा जाता है।