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अर्पित पैलेस अग्निकांड : हादसे से पहले कहां थे विभाग, पहले जागे होते तो बच जाती जानें 

Tue, 19 Feb 2019 06:41 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Tue, 19 Feb 2019 06:41 AM IST
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Where were the Department During Arpit Palace Fire
अर्पित पैलेस होटल - फोटो : अमर उजाला

करोल बाग स्थित अर्पित पैलेस होटल में आग की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। हालांकि, दिल्ली में ये पहली घटना नहीं है। शॉर्ट सर्किट की वजह से न जानें कितनी जिंदगियां मौत की शिकार हो चुकी हैं। आग की घटना के बाद सप्ताह भर में नियम पूरे न होने के कारण करोल बाग में ही 71 होटलों को सील कर दिया गया। सवाल यह है कि जब इन होटलों में नियम कानून का उल्लंघन हो रहा था तो सभी संबंधित विभाग कहां थे। अगर सभी विभाग उचित समय पर कार्रवाई किए होते तो होटल अर्पित में 17 जानें जाने से बच जातीं।

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अग्निशमन विभाग की मानें तो पूरी दिल्ली आग के ढेर पर बैठी है। पूर्वी से लेकर मध्य और दक्षिण से लेकर पश्चिम एवं उत्तरी इलाके में मौजूद होटल, गेस्ट हाउस, पीजी, अवैध इमारतें इत्यादि विभागीय नियमों को पूरा नहीं कर रहीं। आलम यह है कि दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में भी करीब 300 से ज्यादा इमारतों की हालत ठीक नहीं हैं। बावजूद इसके ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। 
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दिल्ली नगर निगम के ही एक अधिकारी की मानें तो राजधानी में होटल या गेस्ट हाउस का लाइसेंस लेने के दौरान कागजों का वेरीफिकेशन नहीं होता। औचक निरीक्षण तक अधिकारी नहीं करते हैं। इन सब के बीच लाइसेंस की  प्रक्रिया में भ्रष्टाचार से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सूत्रों की मानें तो नगर निगम के आला अधिकारी अक्सर घटना होने के बाद ही सतर्क होते हैं। जबकि इससे पहले क्षेत्रीय स्तर पर मौजूद अपनी टीम से फॉलोअप नहीं करते। समय-समय पर निरीक्षण और कागजों की वेरीफिकेशन सही तरह से की जाए तो इन घटनाओं को रोका जा सकता है। 

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अग्निशमन विभाग शुरू करेगा औचक निरीक्षण अभियान
अग्निशमन विभाग के निदेशक डॉ जीसी मिश्रा का कहना है कि उनके विभाग में 1200 कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। करीब 48 फीसदी स्टाफ की कमी के चलते औचक निरीक्षण नहीं हो पाते। अगर औचक निरीक्षण शुरू किए जाएं तो जनता को ही इससे दिक्कत होती है। विभाग पर तरह-तरह के आरोप लगते हैं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि उनका विभाग नगर निगम के साथ मिलकर पूरी दिल्ली में अभियान चलाने वाला है। करीब 500 कर्मचारियों की अलग अलग टीमें तैनात कर सभी होटल, गेस्ट हाऊस, पीजी, अवैध इमारतें इत्यादि का औचक निरीक्षण किया जाएगा। 

दो माह चलेगा औचक निरीक्षण
अग्निशमन विभाग के अनुसार दिल्ली में अप्रैल से लेकर अक्तूबर के बीच आगजनी की घटनाएं हजारों में होती हैं। इनमें सैकड़ों लोगों की मौत तक होती है। इसलिए अप्रैल से पहले ही दिल्ली में औचक निरीक्षण का काम पूरा किया जाएगा। साथ ही नियमों को पूरा करने पर जोर दिया जाएगा। 

71 होटल सील होन से टूरिस्ट परेशान
करोलबाग में होटलों व गेस्टहाउस के खिलाफ अभियान से दिल्ली आने वाले टूरिस्ट परेशान हैं। अधिकांश होटलों में बुकिंग रद्द कर दी है या फिर आंशिक रूप से ही बुकिंग हो रही है। जिन 71 होटलों के लाइसेंस रद्द कर सील किए गए हैं, उनमें टूरिस्ट ठहरे हुए थे। इन सभी  को  बाहर कर होेटल सील किया गया है। ऐसे में इन होटलों में ठहरने वाले लोगों को दूसरे स्थान पर मंहगे किराए पर होटल लेना पड़ा है।

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