फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   When the plane landed on the expressway, the story changed.

एक्सप्रेसवे पर जब उतरा विमान तो बदल गई कहानी

Fri, 22 May 2015 07:31 PM IST
एसएस अवस्थी/अमर उजाला, नोएडा
एसएस अवस्थी/अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 22 May 2015 07:31 PM IST
विज्ञापन
 When the plane landed on the expressway, the story changed.

अमेरिका-जर्मनी की तकनीक और 14 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना यमुना एक्सप्रेसवे बृहस्पतिवार को एक और परीक्षा में सफल हो गया। फ्रांस से निर्मित लड़ाकू विमान मिराज-2000 उतरते ही एक्सप्रेसवे इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।

विज्ञापन


जेपी ग्रुप को सड़क बनाते समय अंदाजा भी नहीं होगा कि एक दिन यह सड़क विमान के रनवे के तौर पर भी प्रयोग होगी। करीब 2300 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ने वाला मिराज का एक्सप्रेसवे पर उतरना यमुना प्राधिकरण और जेपी ग्रुप के लिए बड़ी उपलब्धि है।

विज्ञापन


दरअसल, नोएडा से आगरा को जोड़ने वाला 185 किलोमीटर यमुना एक्सप्रेसवे देश का पहला एक्सप्रेसवे है, जहां पर 100 किलोमीटर की रफ्तार से वाहन दौड़ाने की इजाजत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


करीब डेढ़ फीट कंक्रीट की बनी सड़क के नीचे का भाग यदि किसी कारण से धंस भी जाए तो कंक्रीट की पर्त को कोई नुकसान नहीं होगा।

पहले ठहराया गया था जानलेवा

 When the plane landed on the expressway, the story changed.

मायावती के कार्यकाल 2007-12 में बनकर तैयार हुए एक्सप्रेसवे का 9 अगस्त 2012 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उद्घाटन किया था। जब वाहन दौड़े तो पुराने टायर फटने, सड़क हादसे, कोहरे में गाड़ियां भिड़ने समेत कई हादसे हुए। ऐसे में सवाल उठा था कि कहीं यह जानलेवा तो नहीं है।

प्राधिकरण ने राइट्स संस्था, आईआईटी समेत कई एजेंसियों से जांच कराई, लेकिन कहीं भी तकनीकी खामी नजर नहीं आई। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर मिराज का उतरना, इसलिए संभव हो सका है कि जिस स्थान पर यह उतारा गया, वहां पर एक्सप्रेसवे एकदम सीधा है।

जमीन से ऊपर बने एक्सप्रेसवे के आसपास कोई भारी भरकम पेड़ भी नहीं हैं। मिराज के पंख ज्यादा लंबे नहीं होते हैं, इसीलिए यह 50 फुट चौड़े एक तरफ के एक्सप्रेसवे पर आसानी से उतर गया।

आपातकाल में विदेशों में भी होता है इस्तेमाल

 When the plane landed on the expressway, the story changed.

अगर कभी दुश्मन ने दिल्ली पर हमला करके हवाई पट्टी को नुकसान पहुंचा भी दिया तो एक्सप्रेसवे को लड़ाकू विमान उड़ाने में प्रयोग किया जा सकेगा। अमेरिका, जापान, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन समेत कई देशों के एक्सप्रेसवे इसी ढंग से बने हुए हैं, जहां पर यह विमान उतारे जा रहे हैं।

इतना ही नहीं आगरा से लखनऊ एक्सप्रेसवे के बीच भी केंद्र सरकार लड़ाकू विमान से लेकर अन्य विमान उतारने की योजना बना चुकी है। मोदी सरकार का एक साल मोदी सरकार को एक साल होने पर ही मिराज को यमुना एक्सप्रेसवे पर उतारकर संदेश दिया गया है कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा के मामले में बहुत ही सतर्क है।

हालांकि, पीएम के मथुरा दौरे को लेकर कहा गया था कि हेलिकॉप्टर उतरेगा। नोएडा से लेकर आगरा तक देश की 220 किलोमीटर लंबी और देश की सबसे चौड़ी 130 किलोमीटर सड़क भी बनाई जा रही है।

फिलहाल नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक बनी है। इसके बाद जेवर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा तक प्रस्तावित है। इसका प्रयोग भी विमान उतारने के लिए किया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed