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जब हाथ आई साढ़े 22 करोड़ की बड़ी रकम तो बांटने लगा रूपया

Fri, 27 Nov 2015 11:42 PM IST
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:42 PM IST
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When pradeep robbed twenty two carore rupee, he started distributing money

22.50 करोड़ की रकम देखकर कैश वैन चालक प्रदीप शुक्ला को समझ नहीं आ रहा था कि वह इतने रुपयों का क्या करे। नोटों को छिपाने की परेशानी कहें या फिर बड़ी रकम मिलने की खुशी के चलते वह नोट बांटने लगा था।

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उसने दो बक्सों को खोला था। एक बक्से से उसने 50 हजार की गड्डी निकाली थी। कैश वैन से नोटों के बक्सों को गोदाम में रखने के बाद वह सबसे पहले शेविंग करवाने गया।
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वहां उसने 500 रुपये दिए। इसके बाद उसने एक जानकार से शराब मंगवाई। 800 रुपये खर्च हुए पर उसने दो हजार रुपये दिए।

खाने का बिल 700 रूपए दे दिए दो हजार

When pradeep robbed twenty two carore rupee, he started distributing money

ढाबे से उसने चिकन, दाल और रोटी ली। इसका बिल 700 रुपये का बना, लेकिन ढाबे वाले को दो हजार रुपये दिए। गोदाम में आने के बाद उसे रकम ठिकाने लगाने की चिंता हुई।


अगले दिन बक्सों को उठाने के लिए वह मजदूरों का प्रबंध करने लगा। मजदूरों को भी पैसे बांटने लगा था। हालांकि शराब का नशा होने के कारण उसे ज्यादा याद नहीं है कि उसने कहां-कहां और कितने पैसे बांटे।

जब पुलिस गोदाम में पहुंची तो वह शराब पी रहा था। पुलिस को देखकर वह गोदाम में रखे पलंग के नीचे जाकर छिप गया।

बंद कर दिया था मोबाइल ताकि पकड़ा ना जाए

When pradeep robbed twenty two carore rupee, he started distributing money

पुलिस के अनुसार प्रदीप शुक्ला का दिमाग काफी तेज है। प्रदीप को लगता था कि वह मोबाइल के जरिए पकड़ा जाएगा, इसलिए उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया था।


इसके बाद उसने गोदाम के सुरक्षा गार्ड रामसूरत के मोबाइल से फोन किया था। एसआईएस कंपनी के विकासपुरी स्थित कार्यालय में कुल 38 करोड़ रुपये थे।

पूरी रकम का कस्टोडियन इकराम था। इकराम को 7 से 8 हजार तनख्वाह मिलती है। जिस कैश वैन में 22.50 करोड़ रुपये थे, उसका कस्टोडियन सुरेश था।

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आरोपी बोला तनख्वाह 14 हजार मिलते हैं महज 8

When pradeep robbed twenty two carore rupee, he started distributing money

सुरेश को भी 7-8 हजार तनख्वाह मिलती है। आरोपी प्रदीप शुक्ला का कहना कि उसकी तनख्वाह 14 हजार है, मगर उसे आठ हजार ही मिलते हैं।


कैश वैन के सुरक्षा गार्ड विनय को 11 हजार तनख्वाह मिलती है। कैश वैन में कुल 22.50 करोड़ रुपये थे, मगर कागजों में दस करोड़ रुपये दिखा रखे थे।

आरबीआई के नियमों के मुताबिक एक कैश वैन में सिर्फ पांच करोड़ रुपये ही लिए जा सकते हैं।

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