फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

9 फरवरी 2016 की रात आखिर क्या हुआ था जेएनयू में, क्या था पूरा विवाद, जानिए पूरा घटनाक्रम

Mon, 14 Jan 2019 05:59 PM IST
शशांक गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: शशांक गौर Updated Mon, 14 Jan 2019 05:59 PM IST
विज्ञापन
What was the jnu sedition case on kanhaiy kumar and umar khalid
कन्हैया कुमार
जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले मामले में आज तीन साल बाद जाकर दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर कर की है। जानकारी के अनुसार इस चार्जशीट में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य समेत कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए, 323, 465, 471, 143, 149, 147, 120बी के तहत आरोप दायर किए हैं। पटियाला हाउस कोर्ट इस चार्जशीट पर कल संज्ञान लेगी। वहीं इस बारे में जब कन्हैया से बात की गई तो वो बोले कि अगर ये खबर सही है तो मैं पुलिस और मोदी जी को धन्यवाद देता हूं। इस मामले की तीन साल बाद चार्जशीट फाइल करने का साफ मतलब है कि ये राजनीति से प्रेरित है। मुझे अपने देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।

आइए जानते हैं क्या था पूरा विवाद

What was the jnu sedition case on kanhaiy kumar and umar khalid
- फोटो : Amar Ujala
गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में 9 फरवरी 2016 को कुछ छात्रों ने प्रशासन से सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति ली थी। इस कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाए थे, इस नारेबाजी के कुछ वीडियो सामने आए थे, जिसमें कुछ चेहरा ढके हुए छात्र देश विरोधी नारे लगा रहे थे। कार्यक्रम का ABVP ने विरोध किया था। इसको लेकर छात्र गुट आपस में भिड़ गए थे। 
What was the jnu sedition case on kanhaiy kumar and umar khalid
जेएनयू - फोटो : ब्यूरो
11 फरवरी को टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर देश विरोधी नारे लगाने के वीडियो टेलीकास्ट हुए। जिसके बाद दिल्ली के वसंतकुंज थाने में धारा 124A के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 12 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने तत्कालीन जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को अरेस्ट कर लिया। वहीं तत्कालीन छात्रसंघ का सदस्य उमर खालिद अंडरग्राउंड हो गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
What was the jnu sedition case on kanhaiy kumar and umar khalid
जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय - फोटो : PTI
कन्हैया और उमर खालिद के के अलावा वनज्योत्स्ना लाहिड़ी, अनिर्बान भट्टाचार्य रुबीना सैफी, रामा नागा, आनंद और रेयाज़ उल हक का नाम भी एफआईआर में शामिल था। उन्हें वीडियो के आधार पर एफआईआर में शामिल किया था और आरोपी बनाया था। इसके बाद 16 फरवरी को वकीलों के एक गुट ने कन्हैया कुमार पर हमला किया, जिस समय कन्हैया पर हमला हुआ, उस दौरान उसे पेशी के लिए लाया गया था। हालांकि पुलिस ने उसे बचा लिया था। 
 
विज्ञापन
What was the jnu sedition case on kanhaiy kumar and umar khalid
कन्हैया कुमार - फोटो : amar ujala
24 फरवरी को अनिर्बान और उमर ने जेएनयू कैंपस में सरेंडर किया। 27 फरवरी को देशद्रोह के केस को विशेष अदालत को ट्रांसफर किया। 3 मार्च को कन्हैया कुमार को 10 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत मिल गई थी। 17 मार्च को उमर और अनिर्बान को कोर्ट ने 6 महीने की अंतरिम जमानत दी। अगस्त महीने में ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब आधा दर्जन जम्मू व कश्मीर के छात्रों से पूछताछ की थी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed