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अचानक इस कुर्सी पर चढ़कर ये लड़की क्या बोलने लगी, दिल्ली के युवा देखते ही रह गए...
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली।
Updated Tue, 14 Feb 2017 03:48 PM IST
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राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से आयोजित भारत रंग महोत्सव में शनिवार को पांच नाटकों का मंचन किया गया। नाटकों के जरिये मजदूरों की कहानी, अहंकार की लड़ाई की कहानियां दर्शकों को दिखाई गई। वीकेंड होने के कारण शनिवार को एनएसडी में भारी भीड़ देखने को मिली। दर्शकों ने नाटकों को खूब
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शनिवार को सबता प्रकाश भट्टाचार्य निर्देशित ‘मनसा मंगल’ नाटक से शुरूआत हुई।
बच्चों की मौत हो जाती है मगर चंद्रधर उसकी पूजा नहीं करता है
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नाटक की कहानी व्यापारी चंद्रधर और मनसा देवी के बीच विवाद से शुरू होती है। चंद्रधर उसका भक्त नहीं बनने का फैसला लेता है और शिव की पूजा करने लगता है। मनसा, चंद्र से अपनी पूजा करवाने पर आमादा है मगर वह ऐेसा नहीं करता। इस पर मनसा उसका नुकसान करना शुरू कर देती है। उसके छह जहाज समुद्र में डूब जाते हैं। उसके बच्चों की मौत हो जाती है मगर चंद्रधर उसकी पूजा नहीं करता है। यहीं दोनों अपने अहंकार पर अड़े रहते हैं।
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गरीब मजदूरों के लिए संघर्ष की शुरूआत होती है
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दूसरा नाटक तपन भट्टी द्वारा निर्देशित ‘राजपूताना’, मणिपुरी भाषा में एन. अमुसना देवी निर्देशित ‘होली’, राजिंदर नाथ निर्देशित ‘घसीराम कोतवाल’ और अंत में सत्यव्रत राउत द्वारा निर्देशित ‘तुम्हारा विसेंट’ का मंचन किया गया। विसेंट दक्षिण बेल्जियम के एक खाद्यान की कहानी है जहा विसेंट नौकरी करने लगता है। वहां वह लोगों का दर्द देख बाइबिल को भूल जाता है। वहीं से उसके गरीब मजदूरों के लिए संघर्ष की शुरूआत होती है।