जज ने अपना कोट उतारा और गवाह को दे दिया
आमतौर पर लोगों की नजर में कोर्ट-कचहरी और जजों की छवि बेहद सख्त होती है। लोग मानते हैं कि इंसाफ की कुर्सी पर बैठे जज बेहद कठोर होते हैं, लेकिन एक जज ने दरियादिली की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।
कोर्ट में गवाही देने आए ठंड से ठिठुरते बुजुर्ग को सामने देखा तो उसने अपना कोट उसे दे दिया। वाकया तीस हजारी जिला अदालत स्थित एएसजे वीके बंसल की कोर्ट का है।
एक मामले में अभियोजन पक्ष की गवाही चल रही थी। कोर्ट के समक्ष विश्वनाथ गवाही देने आया था। उसके एक हाथ में प्लास्टर चढ़ा था और वह ठंड से कांप रहा था। जज ने पूछा कि वह कांप क्यों रहा है।
जज ने दिखाई दरियादिली
गवाह ने जब जज को बताया कि उसे ठंड लग रही है। उसके बाद जज ने अपने स्टाफ से अपना कोट मंगाया और विश्वनाथ को दे दिया। हाथ में चोट के कारण विश्वनाथ को कोट पहनने में परेशानी हो रही थी तो कोर्ट के स्टाफ ने उसे कोट पहनाया।
कोर्ट में मौजूद वकीलों और अन्य लोगों ने इस नेक कार्य को सामने देखा। कोर्ट में मौजूद एक अधिवक्ता ने बताया कि मुंडका थाने में आरोपी विनोद कुमार उर्फ काना के मामले में वह शख्स गवाही देने आया था।
जज की इस दरियादिली को देखकर सभी को उन पर गर्व का अनुभव हो रहा था। ऐसे में जज का ये फैसला अन्य लोगों के लिए एक मिसाल बन गया।