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अमर उजाला पड़तालः सब्जी की जगह रेहड़ियों पर बिकता है पानी

Fri, 22 Nov 2019 03:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 22 Nov 2019 03:00 AM IST
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Water is sold on the street instead of vegetables in delhi
अबुल फजल एंक्लेव - फोटो : अमर उजाला

पानी ले लो...पानी...आरओ से ट्रीट किया हुआ पानी ले लो...सब्जी बेचने वाले की तरह जामिया नगर के अबुल फजल एंक्लेव की गलियों में ऐसी आवाजें रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ चुकी हैं। 

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अमर उजाला टीम ने दिल्ली में पानी की समस्याओं पर अपनी पड़ताल सीरीज में बृहस्पतिवार को जामिया नगर का दौरा किया। लोगों ने बताया कि ट्यूबवेल से मिलने वाला पानी अभी भी इलाके के लोगों की जरूरतें पूरी करने में नाकाफी है। यही वजह है कि प्यास बुझाने के लिए पानी खरीदना पड़ता है। 
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जामिया नगर के अबुल फजल एंक्लेव की आबादी करीब डेढ़ लाख है। एक परिवार का पीने के पानी के मद में औसतन 2200 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च है। ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति तो नियमित होती है, लेकिन पानी पीना तो दूर, इससे स्नान करने पर भी त्वचा रोग का शिकार होने का खतरा बना रहता है। पीने का पानी आरओ वाटर के नाम पर रेहड़ियों पर बिकता है, लेकिन इससे बच्चे टायफायड और पीलिया जैसी बीमारियों का शिकार होते रहे हैं। 
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रेहड़ी पर पानी बेचने वाले एक व्यक्ति से जब पूछा गया कि एक बोतल की कीमत क्या है तो उसने बताने से पहले ही बोतल आगे बढ़ाते हुए कहा 20 रुपये। 15 लीटर पानी की कीमत 20 रुपये है जबकि पूरे परिवार के लिए हर दिन 60 रुपये खर्च होता है। ब्रांडेड पानी का इस्तेमाल करने वालों को रोजाना पानी के मद में करीब 150 रुपये खर्च करना पड़ रहा है। 

रेहड़ियों पर बिकता है पानी, बढ़ा खर्च 

मो. तारिक के मुताबिक पहले पेयजल ओखला से लाना पड़ता था, लेकिन अब गलियों में रेहड़ी पर बिकता है। पानी के लिए मशक्कत तो खत्म हुई, लेकिन इस मद में खर्च जरूर बढ़ गया है। ऐसे में कई परिवार, अपने घरों में ही फिल्टर या आरओ का इस्तेमाल करते हैं जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। अब तक इलाके में घरों तक पाइपलाइन के जरिये पानी की आपूर्ति नहीं होती है। 

किसी इस्तेमाल के लायक नहीं है ट्यूबवेल का पानी 

अब्दुल वाहिद का कहना है कि पूरे इलाके में जिस पानी की आपूर्ति होती है, वह पीने लायक तो नहीं है। किसी और इस्तेमाल के लिए भी माकूल नहीं है। उन्होंने बताया कि चंद दिन पहले उनकी बेटियों को त्वचा संबंधी परेशानियां हुईं। वाहिद ने बताया कि पानी में टीडीएस की मात्रा मानकों से आठ से 10 गुना अधिक है। ऐसे में अगर उस पानी का इस्तेमाल किया जाए तो बीमारियों को दावत देना है। 

...सेहत के लिए हानिकारक है गलियों में बिकने वाला पानी 

मो. आरिफ ने बताया कि उनके घरों तक पानी की पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं है। अबुल फजल एंक्लेव में उनके कई रिश्तेदार रहते हैं, जहां पानी की वजह से बीमारी का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने कहा कि वर्षों बाद भी क्षेत्रवासियों को पाइपलाइन से पानी न मिलने की वजह से न केवल उन्हें रोजाना मुश्किलों से जूझना पड़ता है बल्कि इस पर खर्च कर भी बीमारियों की सौगात मिल रही है। 

दूसरी जगह के पानी का इस्तेमाल करते हैं...

मोइन खान ने बताया कि आरओ के पानी को ट्रीट करने के बाद टीडीएस की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि अक्सर जोड़ों में दर्द की शिकायत होती हैं। पानी में टीडीएस की मात्रा कम होने से भी कई तरह की बीमारी होती है। इस तकलीफ से गुजरने के बाद मैं दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से आपूर्ति किए जाने वाले पानी को दूसरी जगह से मंगवाकर इस्तेमाल कर रहा हूं। 

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