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Water Crisis : सरकारी नल नहीं बुझा पा रहे दिल्लीवालों की प्यास, लोग निजी टैंकर से महंगा पानी खरीदने को मजबूर
Mon, 10 Jun 2024 03:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
नितिन राजपूत, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 10 Jun 2024 03:40 AM IST
सार
घरों में तो दूर अब पानी के टैंकर लेने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पानी के टैंकर के लिए दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। इसके बावजूद भी लोगों को एक सप्ताह के बाद पानी के टैंकर का स्लॉट मिल रहा है। इसके बाद भी आसानी से पानी नहीं मिलता है।
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दिल्ली में पानी की किल्लत
- फोटो : एएनआई
विस्तार
राजधानी में लोग पानी की परेशानी से जूझ रहे हैँ। घरों में तो दूर अब पानी के टैंकर लेने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पानी के टैंकर के लिए दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। इसके बावजूद भी लोगों को एक सप्ताह के बाद पानी के टैंकर का स्लॉट मिल रहा है। इसके बाद भी आसानी से पानी नहीं मिलता है।
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कई दिनों के इंतजार के बाद उन्हें जरूरत भर भी पानी नहीं मिल पाता है। लोग प्यास बुझाने के लिए बोतल बंद पानी व टैंकर के ऊपर निर्भर है। निजी टैंकर के मालिक लोगों की इसी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। वह लोगों को अधिक कीमत पर टैंकर उपलब्ध करवा रहे है।
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संगम विहार के जे ब्लॉक, ए ब्लॉक, दुग्गल कॉलोनी, देवली गांव, दुर्गा विहार, देवली नई बस्ती, देवली विस्तार, राजू पार्क, बिहारी पार्क और खानपुर एक्सटेंशन समेत कई इलाकों में निजी टैंकर सड़कों पर खड़े रहते हैं। इनके मालिकों का कहना है कि जितना पानी का भंडारण था, उसे दिया जा रहा है। जबकि पानी फिल्टर करने में भी समय लग रहा है।
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नतीजा पानी माफिया की इस इलाके में खूब घुसपैठ है। प्रति टैंकर पानी की कीमत पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये तक वसूली जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जल बोर्ड ने भिजवा दिया तो ठीक नहीं, तो माफिया से पानी खरीदना पड़ता है। संजीव गुप्ता का कहना है कि उनकी मजबूरी है पानी खरीदना। दिन में कई बार टैंकर आते हैं और पानी की आपूर्ति करते हैं।
इलाके में रहने वाले लोग चंदा एकत्र कर पानी मंगवाते है। जरूरी काम के लिए पानी तो दूर पीने के पानी के लिए भी आरओ या बोतलबंद पानी पर 70 फीसदी परिवार निर्भर हैं।
छोटे टैंकर के 500 तो बड़े के 600 से एक हजार रुपये तक होते हैं खर्च
एक हजार लीटर वाले छोटे टैंकर के लिए 500 रुपये, जबकि बड़े के लिए 600 से एक हजार रुपये रुपये वसूले जाते है। एल-वन निवासी बिजेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने फोन पर जब एक टैंकर मालिक से संपर्क किया तो, उसने बताया कि सुबह फोन करें। रेट पूछने पर बताया कि कम से कम 500 रुपये। अगर बड़ा टैंकर चाहिए, तो रेट बाद में तय कर लेंगे। वह बताते है कि कम आमदनी में इतना भुगतान कर पाना आसान नहीं हैं।
पानी पर हर माह करते हैं हजारों रुपये खर्च
संगम विहार की कॉलोनियों और ब्लॉक में रहने वाले परिवारों की पानी की जरूरतें निजी कारोबारी पूरी करते हैं। इसके लिए यहां के निवासियों को हर माह हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। हैरत की बात है कि अनदेखी का शिकार हुए क्षेत्र वासियों को अवैध टैंकर, बोतलबंद पानी की बिक्री का कोई विकल्प भी नहीं उपलब्ध करवाए गए हैं।