{"_id":"666f4f496b1c94fda40714c1","slug":"water-crisis-delhi-water-crisis-increases-burden-on-people-s-pockets-2024-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Water Crisis Delhi : जलसंकट ने बढ़ाया लोगों की जेब पर बोझ, बोतल बंद पानी पर 1800 रुपये का खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Water Crisis Delhi : जलसंकट ने बढ़ाया लोगों की जेब पर बोझ, बोतल बंद पानी पर 1800 रुपये का खर्च
Mon, 17 Jun 2024 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
नितिन राजपूत, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 17 Jun 2024 05:17 AM IST
सार
हालात यह हैं कि जिन घरों में कुछ महीने पहले तक बोतल बंद पानी पर हर महीने 600-700 रुपये खर्च हो रहे थे, अब 1200 से 1800 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
मुसीबत के मारे... क्या करें बेचारे
- फोटो : अमर उजाल
विस्तार
पेयजल संकट ने लोगों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। हालात यह हैं कि जिन घरों में कुछ महीने पहले तक बोतल बंद पानी पर हर महीने 600-700 रुपये खर्च हो रहे थे, अब 1200 से 1800 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। लोगों की जेब पर पानी का खर्च तीन गुना तक बढ़ गया है। सरकार किल्लत वाले इलाकों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति करा रही है, लेकिन यह काफी नहीं है।
विज्ञापन
संगम विहार, तेहखंड, श्रीनिवासपुरी बुराड़ी, ओखला, इंद्रपुरी, रोहिणी, सागरपुर, संजय कॉलोनी, आया नगर, किराड़ी, मुखर्जी नगर सहित अन्य इलाकों में रहने वाले लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है। कोचिंग सेंटर के हब मुखर्जी नगर में छात्रों को पीने का पानी अलग-अलग कीमतों पर खरीदना पड़ रहा है। बिना किसी कंपनी टैग के पानी की एक बोतल 40 से 45 रुपये में बेची जा रही है। यह कैन 30 रुपये में उपलब्ध है। सिविल परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी राघव कौशिक ने मुखर्जी नगर ने बताया कि वह पेयजल की 20 लीटर की केन 50 रुपये में मिलती है। महीने में यह आंकड़ा बढ़ जाता है। खर्च चलाने के लिए निश्चित बजट परिवार की तरफ से दिया जाता है। ऐसे में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
निजी टैंकर उठा रहे लोगों की मजबूरी का फायदा
देवली इलाके में स्थित गुप्ता कॉलोनी में स्थानीय लोगों के सामने पानी का संकट गहराया हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां सामान्य परिस्थितियों में भी पानी की परेशानी बनी रहती है। यही नहीं, मौजूदा समय में हालात और भी ज्यादा बदतर हो चुके हैं। स्थानीय निवासी विजय सिंह ने बताया कि पानी की किल्लत की वजह से निजी टैंकर वाले मनमानी कर रहे हैं। 4000 लीटर पानी के टैंकर लिए एक से दो हजार रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि सरकारी टैंकर से 200 रुपये में 1000 लीटर पानी मिल जाता है। सरकारी टैंकरों से पानी भरने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और कतार भी लंबी रहती है।
विज्ञापन
48 घंटे में केवल एक बार होती है पेयजल आपूर्ति
रोहिणी के कई सेक्टर में 48 घंटे में केवल एक बार पानी नल से आ रहा है। इतनी भीषण गर्मी के बीच यह काफी नहीं है है। रोहिणी सेक्टर-22 निवासी मनीष ने दावा करते हुए बताया कि वह बीते 20 साल से यहां रह रहे हैं। इलाके में 48 घंटे में केवल एक बार पानी की सप्लाई की जा रही है। पेयजल की मांग बढ़ने से पानी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई हैं।