{"_id":"5f134c4a4dee344a2c28705d","slug":"wastege-of-drinking-water-in-delhi-will-now-be-fined","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में पेयजल की बर्बादी पर अब लगेगा जुर्माना, पहली बार में 2000 और फिर...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में पेयजल की बर्बादी पर अब लगेगा जुर्माना, पहली बार में 2000 और फिर...
Sun, 19 Jul 2020 12:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 19 Jul 2020 12:53 AM IST
सार
- पहली बार 2000 रुपये और दोबारा पकड़े जाने पर 500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना
- पड़ोसी भी कर सकेंगे शिकायत, कॉलोनियों में औचक निरीक्षण करेंगे अधिकारी
- नंबर 1916 पर कॉल कर कर सकते हैं शिकायत
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी में अब पीने के पानी की बर्बादी करने पर दो हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, यदि बार-बार यही गलती दोहराई जाती है तो प्रतिदिन 500 रुपये की दर से जुर्माना वसूला जाएगा।
विज्ञापन
दिल्ली जल बोर्ड, राजस्व विभाग और सतर्कता विभाग के अधिकारी पेयजल की सप्लाई के समय आवासीय कॉलोनी में औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेंगे। खास बात यह है कि पड़ोसी की गई शिकायत पर भी मामले में कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
जल बोर्ड के केंद्रीय कॉल सेंटर नंबर 1916 पर पेयजल की बर्बादी की शिकायत को दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारियों की मानें तो शिकायत करने वाले की पहचान गुप्त ही रखी जाएगी।
विज्ञापन
जल बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक कई बार लोग टंकी भरने के बाद भी मोटर बंद करना भूल जाते हैं। इस वजह से पानी बर्बाद होता रहता है। वहीं, कई लोग पीने के पानी से बागवानी और अपने वाहन की धुलाई के साथ-साथ गलियों की भी साफ सफाई पेयजल से करते हैं। इस वजह से पीने के पानी की बर्बादी होती है।
इसको देखते हुए अब कॉलोनियों में जल बोर्ड के विभिन्न विभागों के अधिकारी पेयजल की सप्लाई के दौरान औचक निरीक्षण करेंगे। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति पीने के पानी की बर्बादी करता हुआ पाया जाता है तो उनका जुर्माना किया जाएगा। वहीं, हर सप्ताह अधिकारियों को जुर्माने की रिपोर्ट को जल बोर्ड मुख्यालय में जमा कराना भी होगा।
1200 एमजीडी पेजयल की मांग
राजधानी में पेयजल की मांग 1200 मिलियन गैलंस प्रतिदिन (एमजीडी) है। फिलहाल जल बोर्ड की ओर से 935 एमजीडी पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।