वॉल स्ट्रीट जर्नल ने किया चौंकाने वाला खुलासा
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दुनिया के प्रतिष्ठित अखबारों में से एक वाल स्ट्रीट जर्नल ने एक ब्लॉग प्रकाशित दिल्ली के बारे में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। ब्लॉग में बताया गया है कि दिल्ली की हवा बेहद हानिकारक है। असल में दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित अमेरिकी दूतावास में लगे प्रदूषण मॉनिटर इसकी वजह है।
इस मॉनिटर ने दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को बेहद खतरनाक स्तर पर हानिकारक बताया है। बुधवार को यूएस एंबेसी के पॉलुशन मीटर के संकेत के बाद न्यूज पोर्टल पर जानकारी दी गई कि दिल्ली में कुछ घंटे ऐसे हैं जिनमें बच्चों को घर से बाहर निकलने से बचाना चाहिए।
एंबेसी के मॉनीटर ने सुबह आठ बजे दिल्ली के एयर क्वालिटी इंडेक्स को 248 और शाम छह बजे इसे 260 बताया। यह इंडेक्स हवा की गुणवत्ता को शून्य से 500 के बीच आंकता है जिसे फाइन पार्टीक्यूलेट मैटर (पीएम) कहते हैं।
(यहां क्लिक कर वॉल स्ट्रीट जर्नल के ब्लॉग को पढ़ा जा सकता है)
प्रदूषण का यह स्तर होता है बेहद खतरनाक
अमेरिकी पैमाने के मुताबिक 201 से 300 के बीच पीएम 'बेहद हानिकारक' की श्रेणी में आता है। जबकि दिल्ली के अमेरिकी एंबेसी में लगे मॉनीटर ने जो रीडिंग दिखाई उसके मुताबिक यह स्तर 248 से 260 के बीच था जिसे संक्षेप में पीएम 2.5 कहते हैं।
असल में अमेरिकी एंबेसी घंटवार अपने आंकड़े जारी करता है। बुधवार को जैसे ही इसने प्रदूषण का स्तर 2.5 दिखाया इससे संबंधित एक ब्लॉग वॉल स्ट्रीट जर्नल में लिखा गया जिसमें प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर की चर्चा की गई।
अमेरिकी स्तर के मुताबिक प्रदूषण का यह स्तर (2.5 पीएम) न सिर्फ बेहद खतरनाक है बल्कि, दिल और फेफडों़ के लिए यह नुकसानदायक है। यही कारण है कि प्रदूषण के इस स्तर पर पहुंचते ही बच्चों सहित सभी को यह सलाह जारी की जाती है कि ऐसे समय में खुले में किसी भी तरह की गतिविधी करने से बचें।