{"_id":"587fa1b94f1c1b3703f008e9","slug":"voters-behavior-is-changing-in-up-that-can-effects-in-assembly-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बदल रहे हैं मतदाता, जानिए क्या है यूपी चुनाव में नेताओं से उनकी उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदल रहे हैं मतदाता, जानिए क्या है यूपी चुनाव में नेताओं से उनकी उम्मीद
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 19 Jan 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
चुनाव के दौरान प्रत्याशी चुनते वक्त अब मतदाता की मानसिकता में पहले की अपेक्षा बदलाव आया है। हालांकि अभी भी बड़े बदलाव की जरूरत है। लोगों और नेताओं की मानें तो अस्सी और नब्बे के दशक में जहां ग्रामीण मतदाता जाति, क्षेत्रवाद को तरजीह देता था, यहां अभी भी स्थितियां नहीं बदली हैं लेकिन अब शहरी मतदाता पार्टी और विचारधारा को देखकर अपना मत देता है। यह भी देखा गया है कि विकास न होने से नाराज मतदाता प्रत्याशी को वोट नहीं करते। चुनावी मौसम में जिले के वरिष्ठ और युवा नेताओं ने इस बाबत अपनी राय व्यक्त की।
दबंग छवि के नेताओं को नहीं चुनती जनता
ग्रामीण क्षेत्रों में जाति अभी भी हावी है लेकिन अब वहां भी विकास न होने पर लोग प्रत्याशी को वोट नहीं देते। दूसरी तरफ, शहरों में मतदाता अधिक जागरूक हैं। वह पार्टी और विचारधारा को देखकर अपना वोट डालते हैं। वहीं, दबंग प्रत्याशी को जनता नकार देती है।- नवाब सिंह नागर, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता बीजेपी
चुनाव में पैसे का है बोलबाला
तीस वर्ष पहले कोई कार्यकर्ता या गरीब नेता भी चुनाव लड़ लेता था लेकिन आजकल पैसे का बोलबाला है। चुनाव वही लड़ सकता है और जीत सकता है जिसके पास खर्च करने के लिए अच्छा पैसा हो। समाज में यह चलन बेहद खराब है ऐसे में बदलाव की जरूरत है।- राजकुमार भाटी, पूर्व विधायक, वरिष्ठ सपा नेता
विज्ञापन
विज्ञापन
दबंग छवि के नेताओं को नहीं चुनती जनता
ग्रामीण क्षेत्रों में जाति अभी भी हावी है लेकिन अब वहां भी विकास न होने पर लोग प्रत्याशी को वोट नहीं देते। दूसरी तरफ, शहरों में मतदाता अधिक जागरूक हैं। वह पार्टी और विचारधारा को देखकर अपना वोट डालते हैं। वहीं, दबंग प्रत्याशी को जनता नकार देती है।- नवाब सिंह नागर, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता बीजेपी
विज्ञापन
चुनाव में पैसे का है बोलबाला
तीस वर्ष पहले कोई कार्यकर्ता या गरीब नेता भी चुनाव लड़ लेता था लेकिन आजकल पैसे का बोलबाला है। चुनाव वही लड़ सकता है और जीत सकता है जिसके पास खर्च करने के लिए अच्छा पैसा हो। समाज में यह चलन बेहद खराब है ऐसे में बदलाव की जरूरत है।- राजकुमार भाटी, पूर्व विधायक, वरिष्ठ सपा नेता
विज्ञापन
Trending Videos
अभी भी बड़े बदलाव का इंतजार
ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जाति के आधार पर लोग मतदान कर रहे हैं। हालांकि, कुछ हद तक यहां युवा वर्ग अब विकास की बात करता है। शहरों में पार्टी और विचारधारा पर आधारित मतदान हो रहा है। वोटर में काफी बदलाव आया है लेकिन अभी भी बड़े बदलाव की जरूरत है।- आलोक सिंह, युवा कांग्रेसी नेता
काफी हद तक बदले मतदाता
कभी आंखें बंद कर एक ही पार्टी को मत देने वाले मतदाताओं ने भी अपने आपको बदल लिया है। अब विकास की बात पर लोग वोट देने की बात करते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव से यह बात स्पष्ट हो चुकी है।- पुष्कर सिंह, युवा बीजेपी नेता
काफी हद तक बदले मतदाता
कभी आंखें बंद कर एक ही पार्टी को मत देने वाले मतदाताओं ने भी अपने आपको बदल लिया है। अब विकास की बात पर लोग वोट देने की बात करते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव से यह बात स्पष्ट हो चुकी है।- पुष्कर सिंह, युवा बीजेपी नेता