{"_id":"686331df77fc0103b600cc37","slug":"vocs-are-making-delhi-s-air-poisonous-2025-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: हवा को जहरीला बना रहे हैं वीओसी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह भी; सेहत के लिए बेहद खतरनाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: हवा को जहरीला बना रहे हैं वीओसी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह भी; सेहत के लिए बेहद खतरनाक
Tue, 01 Jul 2025 06:25 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 01 Jul 2025 06:25 AM IST
सार
वीओसी मुख्य रूप से पेट्रोल पंप, तेल रिफाइनरियों, पेट्रोकेमिकल उद्योगों, फार्मास्यूटिकल, कीटनाशक, पेंट, कोक ओवन, डाई उपकरण और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों से निकलते हैं। इससे खतरनाक और जहरीली गैसें उत्पन्न होती हैं जो मानव स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Freepik
विस्तार
वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (वीओसी) राजधानी की हवा को जहरीला बना रहे हैं। ये अदृश्य रासायनिक तत्व हवा में मिलकर अन्य रसायनों के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। इससे खतरनाक और जहरीली गैसें उत्पन्न होती हैं जो मानव स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाती हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह भी बनती है। इसका खुलासा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पूर्व अपर निदेशक डॉ. एसके त्यागी ने एक शोध पत्र में किया है।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पूर्व अपर निदेशक डॉ. एसके त्यागी ने अपने शोध पत्र में इनके प्रभावों की निगरानी और रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया है। डॉ. त्यागी ने वीओसी की निगरानी के लिए विधियों के विकास में भी योगदान दिया है, जिन्हें हाल ही में भारतीय मानक ब्यूरो की तरफ से मान्यता दी गई है। यह शोध इंडियन जर्नल ऑफ एयर पॉल्यूशन कंट्रोल में प्रकाशित हुआ है। डॉ. त्यागी ने चिंता जताई कि देश में इनके नियंत्रण और निगरानी के लिए कोई ठोस व्यवस्था मौजूद नहीं है।
विज्ञापन
वीओसी कहां से उत्पन्न होते हैं?
वीओसी मुख्य रूप से पेट्रोल पंप, तेल रिफाइनरियों, पेट्रोकेमिकल उद्योगों, फार्मास्यूटिकल, कीटनाशक, पेंट, कोक ओवन, डाई उपकरण और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों से निकलते हैं। ये तत्व हवा में तेजी से घुल जाते हैं और बेंजीन, टोल्यून, जायलीन, क्लोरोफॉर्म, डाइक्लोरोमीथेन, साइक्लोहेक्सेन, एथेनॉल, मेथेनॉल, मिथाइल, एसीटोन और एसीटेट जैसी जहरीली गैसें पैदा करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये गैसें जमीनी स्तर पर ओजोन निर्माण और जलवायु परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विज्ञापन
निगरानी और रोकथाम के लिए सुझाव
- सभी बड़े शहरों में वीओसी की निगरानी के लिए व्यापक मॉनिटरिंग नेटवर्क स्थापित हो।
- निगरानी के बाद वीओसी के लिए स्पष्ट मानक निर्धारित किए जाएं।
- केंद्र सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकारें इन मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
- वीओसी नियंत्रण के लिए समयबद्ध योजनाएं बनाई जाएं और उनका प्रभावी कार्यान्वयन हो।
- वीओसी उत्सर्जन के स्रोतों पर रिसाव रोकने के लिए डबल सील वाल्व जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाए।