सहवाग ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने का ऑफर ठुकराया
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नजफगढ़ के सुल्तान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सहवाग ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। हालांकि वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि मुझे दक्षिण दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली से टिकट का ऑफर मिला था। लेकिन मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता। मैं आईपीएल और क्रिकेट खेलना चाहता हूं।
क्रिकेट में अपने बुरे फॉर्म से गुजर रहे वीरेंद्र सहवाग को कांग्रेस की ओर टिकट देने पर चर्चा हुई थी। सहवाग के मना करने के बाद कांग्रेस को अब कोई दूसरा कैंडिडेट ढूंढना होगा। हालांकि अभी ये कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस, सहवाग को चुनाव लड़ने के लिए मनाएगी।
धाकड़ बल्लेबाज को कांग्रेस बनाना चाहती थी उम्मीदवार
दिल्ली में हाथ की पकड़ ढीली होने से बचाने के लिए कांग्रेस क्रिकेट के रोमांच और पूर्वांचल के ग्लैमर का सहारा लेने का मन बना रही थी। पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली सीट पर पैराशूट प्रत्याशी को उतारने पर आलाकमान ने गंभीर मंथन के बाद यह फैसला लिया था।
कांग्रेस दक्षिण दिल्ली से विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को चुनाव मैदान में उतारना चाहती थी। इसके लिए बाकायदा सहवाग को मनाने की पूरी कोशिशें लगातार जारी हैं। इस सीट पर कांग्रेस का कोई प्रत्याशी विधानसभा का चुनाव नहीं जीत सका है।
दक्षिण दिल्ली से सांसद रमेश कुमार को पार्टी कमजोर प्रत्याशी मान रही है। विधानसभा चुनाव में दक्षिण दिल्ली के जिलाध्यक्ष होने के बावजूद पूर्व सांसद सज्जन कुमार के बेटे व सांसद रमेश कुमार के भतीजे जगप्रवेश जीत दर्ज नहीं कर सके थे।
बड़ा सवाल, आखिर सहवाग ही क्यों?
दिग्गजों का मानना है कि इस सीट पर कांग्रेस की कमजोरी को दूर कर अगर कोई सीट बचा सकता है तो वह बड़ी शख्सियत ही हो सकती है। इसी का हवाला देकर टिकट पार्टी ने पुराने सिपाहियों को मैदान में उतारने की कोशिश नहीं की।
इस सीट पर जाट वोटर ज्यादा हैं, ऐसे में सहवाग को टिकट देना इसलिए भी फायदेमंद होगा क्योंकि वह खुद भी जाट हैं और क्रिकेटर के तौर पर दुनिया में उनका नाम है। इस सीट पर 5.29 फीसदी जाट वोटर हैं।
इससे पूर्व मोहम्मद कैफ को यूपी के फूलपुर तो मोहम्मद अजहररुद्दीन को राजस्थान से कांग्रेस ने सवाई माधोपुर से प्रत्याशी बनाया है। हालांकि इस सीट पर गुर्जर मतदाता 6 फीसदी से अधिक हैं। इस नाते गुर्जर नेता चतर सिंह का नाम भी पैनल में है।
शेखर सुमन व मनोज वाजपेयी भी हैं होड़ में
पश्चिम दिल्ली सीट पर पूर्वांचल नेता महाबल मिश्रा सांसद हैं। इनका टिकट काटे जाने पर 8.57 फीसदी भागीदारी वाले जाट समुदाय के नाम पर रोहित चौधरी का नाम है।
लेकिन नए समीकरण में कांग्रेस ने भाजपा के मनोज तिवारी की काट में पूर्वांचल (भोजपुरी) ग्लैमरस चेहरे को उतारने पर भी मंथन कर रही है। इस सीट से शेखर सुमन के अलावा मनोज बाजपेयी और भोजपुरी अभिनेता कुणाल का नाम भी चर्चा में है।
उम्मीद जताई जा रही है कि बृहस्पतिवार देर रात तक दोनों सीट के प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाए।