यहां नई पारी की शुरूआत कर सकते हैं वीरेन्द्र सहवाग, ये है योजना
इसमें से पहले फेज में 99 आवेदकों को उनकी पहली वरीयता से मैच करने वाले 85 स्कूलों का खेल मैदान अलाट भी कर दिया गया है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, स्कूल का प्ले ग्राउंड आवंटियों के पास दो साल तक रहेगा। वहीं, आवेदकों की दूसरी व तीसरी वरीयता वाले स्कूलों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की है योजना
दरअसल, दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के समग्र विकास व खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत अकादमी, क्लब या प्रशिक्षकों को स्कूलों के प्लेग्राउंड दिए जा रहे हैं।
इसमें स्कूल के छात्रों को खेलों का प्रशिक्षण निशुल्क दिया जाना है। उन्हें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबाल, मुक्केबाजी, शतरंज, क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, जूडो, कब्बडी, कराटे, खो-खो, रग्बी, शूटिंग, स्कवैश, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, वॉलीबाल और कुश्ती जैसे खेल सिखाए जाएंगे। पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर है।