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दिल्ली से फरीदाबाद तक दौड़ीं शाही सवारियां
अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sun, 02 Mar 2014 06:50 PM IST
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फरीदाबाद में रविवार सुबह जब लोग घरों से निकले तो सड़क पर दशकों पुरानी कारों की रैली देख काफी खुश हुए।
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विंटेज कार रैली सुबह 9 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस से निकलकर फरीदाबाद बॉर्डर पहुंची। यहां पहले से ही सैकड़ों लोग मौजूद थे। रैली में 85 कारें शामिल थीं।
उत्साहित लोगों ने न केवल कारों को देखा, बल्कि कारों की फोटो खींची व वीडियो भी बनाई। हालांकि कारों की सुरक्षा को लेकर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात थे।
इसके बाद रैली बॉर्डर से ओल्ड फरीदाबाद पहुंची। सेक्टर-15 होते हुए बीपीटीपी पुल से भूपानी स्थित विद्या संस्कार स्कूल ले जाई गई। यहां हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस आयुक्त एएस चावला उपस्थित रहे।
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एक से सात करोड़ की कारें
रैली में सबसे पुरानी 1914 की जॉन मौरिस, 1920 की जीप वैलिस, 1921 की रॉल वाइफ, 1922 की आस्टीन प्रमुख रूप से शामिल रही। इसके अलावा 1922 की सीएट व 1939 की सिंगर कार भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। इन सभी पुरानी कारों की कीमत एक करोड़ से लेकर सात करोड़ तक बताई गई है।
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पुरानी कारों के शौकीन हैं दलजीत
रैली में आए दलजीत ने बताया कि उनके पास ऐसी पुरानी 100 विंटेज गाड़ियां हैं। जिनका मिलना इस समय मुश्किल है। कारों के अलावा उन्हें पुराने सिक्कों को एकत्रित करने का शौक है। एंटीक आइटमों का शौकीन हूं। जहां भी ऐसे कार्यक्रम की जानकारी मिलती है। खुद पहुंच जाता हूं।
कारों के सामने फोटो खिंचवाने की होड़
लोगों ने दशकों पुरानी कारों के सामने फोटो खिंचवा कर रैली का मजा लिया। कारों को लेकर बच्चों में भी जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। बच्चे हाथ में डायरी लेकर कारों के बारे में जानकारी एकत्रित करते हुए दिखाई दिए। अमरजीत ने बताया दशकों पुरानी कारों के बारे में शायद ही आज के युवा जानते हों। रैली से ऐसे युवाओं को पुरानी कारों के बारे में जानने का मौका मिला है।