विहान किडनैपिंग मामला : मासूम को छुड़वाने के लिए पुलिस ने बनाई ये स्ट्रैटेजी, उगलवाया पूरा सच
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12 दिन तक दहशत और खौफ के साये में रहे साढ़े चार साल के विहान को सोमवार रात दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बदमाशों के चंगुल से सकुशल मुक्त करवा लिया।
गणतंत्र दिवस से पूर्व 25 जनवरी को जीटीबी एंक्लेव से 60 लाख रुपये की फिरौती के लिए विहान को अगवा कर लिया गया था। मासूम को मुक्त करवाने के लिए गाजियाबाद-साहिबाबाद स्थित शालीमार सिटी में हुई मुठभेड़ के दौरान अपराध शाखा व कमांडो कार्रवाई में एक बदमाश मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि दूसरे बदमाश के पैर में गोली लगी।
बदमाशों की ओर से चली पांच गोलियोें में से तीन, दो पुलिसकर्मियों को लगी, लेकिन बुलेटप्रफ जैकेट से उनकी जान बच गई। पुलिस ने दो बदमाशों को काबू किया है।
स्कूल बस से चालक को गोली मारकर अगवा किया था
अपराध शाखा के विशेष आयुक्त आर.पी उपाध्याय ने बताया कि 25 जनवरी को बदमाशों ने न्यू मॉर्डन शाहदरा निवासी विहान पुत्र सन्नी गुप्ता को स्कूल बस से चालक को गोली मारकर अगवा कर लिया था।
जीटीबी एंक्लेव थाने में मामला दर्ज कर दिल्ली पुलिस की तमाम एजेंसियां मासूम की तलाश मेें जुटीं थीं। गत 28 जनवरी की रात 12.30 बजे बदमाशों ने लड़की की आवाज में कॉल कर 60 लाख रुपये की फिरौती मांगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
इसी दौरान पुलिस को पता चला कि हाल में परिवार ने एक प्रॉपर्टी को डील किया था, जिसके करीब 57 लाख रुपये उनके पास आए थे। पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस व ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद ली।
बदमाशों तक यूं पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पता चला कि गोकुलपुरी इलाके के कुछ लोगों ने मासूम को अगवा कर रखा हुआ है। चार दिन तक कड़ी नजर रखने के बाद सोमवार रात करीब 11.40 बजे खाना ले जाते हुए एक बदमाश नितिन(28) को दबोच लिया गया।
उसने बताया कि मासूम को शालीमार सिटी के फ्लैट में पांचवीं मंजिल पर छुपाकर रखा गया है। वहां रवि(24)और पंकज उर्फ सिंह साहेब(21) नामक बदमाशों के पास हथियार भी हैं।
खबर मिलते ही खुद संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार, डीसीपी डॉ.राम गोपाल नायक, जॉय टिर्की समेत कई एसीपी मौके पर पहुंच गए और अपराध शाखा के कमांडो को भी बुला लिया गया।
डरा..सहमा बैड के नीचे छुपा था मासूम
नितिन को लेकर रात करीब 12.40 बजे पुलिस की टीम फ्लैट पर पहुंची। नितिन ने जैसे ही दरवाजा खटखटाया शक होते पंकज ने दरवाजा बंद कर दिया।
बदमाश अंदर से विहान को गोली मारने की धमकी देने लगे। कमांडो व इंस्पेक्टर विनय त्यागी और एसीपी राजेश कुमार ने दरवाजा तोड़ दिया। बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में एक गोली रवि की गर्दन में लगी, जबकि पंकज की जांघ में गोली लगी। विहान अंदर वाले कमरे में बेड के नीचे डरा, सहमा छुपा था। घायल रवि व पंकज को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां रवि की कुछ ही देर में मौत हो गई।