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दिल्ली और हरियाणा में पानी के लिए घमासान, कुछ इलाकों में नहीं आएगा पानी, यमुना में प्रदूषण स्तर गहराया
Wed, 14 Apr 2021 11:43 AM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 14 Apr 2021 11:43 AM IST
सार
राघव चड्ढा ने कहा है कि यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़कर 7.6 पीपीएम तक पहुंच गया है। अमोनिया की अधिकता और यमुना में पानी कम होने के कारण दिल्ली के जल शोधन केंद्र पर्याप्त क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं...
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यमुना
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
विस्तार
दिल्ली और हरियाणा में पानी के मुद्दे पर घमासान मच गया है। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने आरोप लगाया है कि हरियाणा सरकार यमुना में बेहद प्रदूषित पानी डाल रहा है, जिससे दिल्ली में यमुना का प्रदूषण स्तर बढ़ गया है। इससे दिल्ली द्वारा शोधित जल में भारी मात्रा में प्रदूषण निकल रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार यमुना में पर्याप्त मात्रा में जल भी नहीं डाल रही है, जिससे दिल्ली में यमुना में पानी का स्तर कम हो गया है और यहां के शोधन केंद्र अपनी पर्याप्त क्षमता के साथ काम नहीं कर पा रहे हैं।
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राघव चड्ढा ने कहा है कि यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़कर 7.6 पीपीएम तक पहुंच गया है। अमोनिया की अधिकता और यमुना में पानी कम होने के कारण दिल्ली के जल शोधन केंद्र पर्याप्त क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं। वजीराबाद प्लांट में इस समय जल उत्पादन क्षमता 135 एमजीडी से घटकर 82 एमजीडी रह गई है। इसी प्रकार चन्द्रावल प्लांट में 92 एमजीडी से घटकर 71 एमजीडी और ओखला प्लांट में 21 एमजीडी से घटकर 10 एमजीडी रह गई है।
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दिल्ली के प्रमुख जल शोधन केन्द्रों की क्षमता में आई इस भारी गिरावट के कारण दिल्ली के अनेक इलाकों को पानी की भारी कमी का सामना भी करना पड़ सकता है। दिल्ली के लोगों को कुल जितने पानी की सप्लाई की जाती है उसमें 40 फीसदी हिस्सा यमुना से मिलने वाले शोधित जल का होता है। इसलिए शोधन केंद्रों की क्षमता में गिरावट के कारण दिल्ली के कई इलाके प्यासे ही रह सकते हैं।
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राघव चड्ढा ने कहा है कि हरियाणा सरकार को कोर्ट की बात मानते हुए यमुना में पर्याप्त मात्रा में साफ़ जल छोड़ना चाहिए। उसे दिल्ली में हरियाणा के भारी संख्या में रहने वाले लोगों के साथ-साथ लगभग दो करोड़ की आबादी के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है।