बताएं जरा क्या हमारी बहन देश की बेटी नहीं थी?
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जंतर-मंतर बुधवार को एक ओर निर्भया की बरसी पर बड़ी हस्तियां बिटिया को श्रद्धांजलि देने में मशगूल थे लेकिन दस कदम दूर दूसरे टेंट में महाराष्ट्र की गैंगरेप पीड़िता के परिजनों को ढांढस देना भूल गए।
निर्भया चेतना दिवस में बॉलीवुड और राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया जगत की बड़ी हस्तियां भी मंच पर दिखीं। जहां महिलाओं के अधिकारों से लेकर सुरक्षा और ऐसे मामलों में ठोस सख्त कानून की मांग भी उठी।
लेकिन महिलाओं की सुरक्षा व श्रद्धांजलि की बात निर्भया तक ही सीमित रह गयी। निर्भया मंच से महज दस कदम दूर महाराष्ट्र से एक वृद्ध माता-पिता व भाई अपनी बेटी को इंसाफ की गुहार लगा रहे थे।
'रेप के चर्चित केस ही श्रद्धांजलि देने के लिए होते हैं?'
निर्भया मंच से निकलकर सेलिब्रिटी इसी टेंट के आगे से गुजर रहे थे, लेकिन किसी ने रुककर इस गैंगरेप पीड़िता के परिवार को ढांढस नहीं बंधाया।
गैंगरेप पीड़िता के भाई ने सवाल उठाया कि निर्भया मंच पर फोटो की धूम थी, लेकिन हमारे टेंट में कोई मीडिया नहीं पहुंचा। क्या हमारी बहन इस देश या समाज की बेटी नहीं थी।
रेप के सिर्फ चर्चित केस ही श्रद्धांजलि देने के लिए होते हैं? निर्भया के दोषियों को फांसी दिलाने की मांग उठती है, लेकिन मेरी बहन के हत्यारों की तो जांच तक नहीं हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें आश्वासन दिया था कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होगी, लेकिन आज तक हम इंतजार ही कर रहे हैं।