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Soumya Murder Case: पत्रकार सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड में बड़ा फैसला, सभी आरोपी दोषी करार
Wed, 18 Oct 2023 02:35 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 18 Oct 2023 02:35 PM IST
सार
विश्वनाथन की 30 सितंबर 2008 को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह सुबह करीब साढ़े तीन बजे अपनी कार से घर लौट रही थीं। पुलिस ने दावा किया था कि उसकी हत्या के पीछे का मकसद लूटपाट था।
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सौम्या विश्वनाथ के माता-पिता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्याकांड मामले में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। साकेत कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया है। मकोका के तहत सजा सुनाई जाएगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार पांडे ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें पूरी होने के बाद 13 अक्टूबर को मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार पांडे ने अपने फैसले में कहा कि पेश साक्ष्यों व गवाहों के बयानों पर यह साबित हुआ है कि आरोपी रवि कपूर, अमित शुक्ला, अजय कुमार और बलजीत मलिक ने विश्नाथन से लूटपाट करने के इरादे से हत्या की थी। उन्हें धारा 302 और 34 के तहत दोषी ठहराया गया है। उन्हें मकोका के तहत भी दोषी ठहराया गया है।
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अदालत ने पांचवें आरोपी अजय सेठी को आपत्तिजनक वाहन को अपने पास रखने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 411 के तहत दोषी ठहराया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि उसने संगठन को मदद भी की और संगठित अपराध से अर्जित संपत्ति पर भी कब्जा किया और उसे भी मकोका के तहत दोषी ठहराया गया है।
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सितंबर 2008 में दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में पत्रकार की हत्या कर दी गई थी। वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग पर उनकी कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। विश्वनाथन एक निजी चैनल के साथ काम करते थे। 28 सितंबर, 2008 को काम से घर लौटते समय उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
विश्वनाथन की 30 सितंबर 2008 को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह सुबह करीब साढ़े तीन बजे अपनी कार से घर लौट रही थी। पुलिस ने दावा किया था कि उसकी हत्या के पीछे का मकसद लूटपाट था।
पांच लोगों रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक, अजय कुमार और अजय सेठी को उसकी हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और मार्च 2009 से हिरासत में हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया था।