{"_id":"5c84b4f9bdec22141b2b47a1","slug":"vegetable-rates-in-india-hike-due-to-bad-weather","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बेमौसम बरसात से बढ़े सब्जियों के दाम, लोगों को सताने लगी महंगाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेमौसम बरसात से बढ़े सब्जियों के दाम, लोगों को सताने लगी महंगाई
Sun, 10 Mar 2019 12:25 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 10 Mar 2019 12:25 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली एनसीआर सहित आस पास के राज्यों में पिछले दिनों से बीच-बीच में हो रही बेमौसम बरसात के बाद हरी सब्जियों के दामों में एक दम आग सी लग गई हैं। एक तरफ तो बरसात से सब्जियों की आवक कम होने से महंगाई बढ़ी है। दूसरी तरफ शादियों के मौसम ने इनके दामो में इजाफा किया है। असर इतना हुआ कि कई सब्जियों की कीमत तो दो से तीन गुना तक पहुंच चुकी है।
आम जनता तो महंगी सब्जियों को खरीदने से बच रही हैं मगर बेटियों के हाथ पीले करने वाले परिवारों की तो मजबूरी में उन्हें महंगे दामों की सब्जी खरीद रहे हैं। कुछ लोग महंगी सब्जियों की जगह उन सब्जियों से काम चला रहे हैं जिनकी कीमत में ज्यादा उछाल नहीं आया है।
20 जनवरी से रुक रुक कर हो रही बरसात के कारण हरी सब्जियों का उत्पादन काफी हद तक गिर गया है। बरसात से हरी सब्जियों सड़न होने से इन सब्जियों के दाम में बहुत इजाफा हुआ है। गत सप्ताह में हुई बरसात का असर सब्जी की मंडी में देखने को मिला, जिसका असर हरी मिर्च, गोभी, बैगन, पालक, भिंडी, करेला आदि सब्जियों पर पड़ा है।
विज्ञापन
मंडी में इनकी आवक काफी कम होने से थोक के भाव भी काफी बढ़ गए हैं। मंडी से रेहड़ियों तक पहुंचने में भी सब्जी काफी महंगी हो जाती है। कॉलोनियों में घरों तक पहुंचने वाली रेहड़ियों पर इनके दाम मंडी के थोक भाव से दो से तीन गुना तक हो जाते हैं।
विज्ञापन
आम जनता तो महंगी सब्जियों को खरीदने से बच रही हैं मगर बेटियों के हाथ पीले करने वाले परिवारों की तो मजबूरी में उन्हें महंगे दामों की सब्जी खरीद रहे हैं। कुछ लोग महंगी सब्जियों की जगह उन सब्जियों से काम चला रहे हैं जिनकी कीमत में ज्यादा उछाल नहीं आया है।
विज्ञापन
20 जनवरी से रुक रुक कर हो रही बरसात के कारण हरी सब्जियों का उत्पादन काफी हद तक गिर गया है। बरसात से हरी सब्जियों सड़न होने से इन सब्जियों के दाम में बहुत इजाफा हुआ है। गत सप्ताह में हुई बरसात का असर सब्जी की मंडी में देखने को मिला, जिसका असर हरी मिर्च, गोभी, बैगन, पालक, भिंडी, करेला आदि सब्जियों पर पड़ा है।
विज्ञापन
मंडी में इनकी आवक काफी कम होने से थोक के भाव भी काफी बढ़ गए हैं। मंडी से रेहड़ियों तक पहुंचने में भी सब्जी काफी महंगी हो जाती है। कॉलोनियों में घरों तक पहुंचने वाली रेहड़ियों पर इनके दाम मंडी के थोक भाव से दो से तीन गुना तक हो जाते हैं।
आसमान पर दाम प्रति किलो
हरी सब्जी वर्तमान कीमत एक माह पूर्व सब्जियों के दाम
धनिया 50 20
हरी मिर्च 60 30
टमाटर 30 10
फूल गोभी 40 10
अदरक 100 80
बैगन 50 20
मटर 40 20
घीया 40 20
शिमला मिर्च 80 40
खीरा 50 25
नींबू 70 50
बन्द गोभी 15 8
क्या कहते है सब्जी विक्रेता
सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि सब्जियों के दाम काफी बढ़े हैं। हर सब्जी महंगी हुई है। मंडी में ही इनके दाम बढ़े हुए हैं। बरसात आने से सब्जियां महंगी हो ही जाती हैं। अगर अब बरसात नहीं हुई तो सब्जियां पुराने रेट पर ही मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी का रेट कभी एक जैसा नहीं रहता। मंडी के रेट के हिसाब से ही हम सब्जी बेचते हैं।
मंडी से सब्जी लाने के बाद आढ़त और लेबर की लागत से भी सब्जी महंगी हो जाती है। सब्जी विक्रेता सब्जी तो हर रोज की जरूरत है। महंगी हो या सस्ती, खरीदनी ही पड़ती है अभी सब्जियां महंगी हैं। इसलिए रोज के हिसाब से ही खरीदी जा रही हैं। सस्ती होने पर सप्ताह के हिसाब से खरीदते हैं।
धनिया 50 20
हरी मिर्च 60 30
टमाटर 30 10
फूल गोभी 40 10
अदरक 100 80
बैगन 50 20
मटर 40 20
घीया 40 20
शिमला मिर्च 80 40
खीरा 50 25
नींबू 70 50
बन्द गोभी 15 8
क्या कहते है सब्जी विक्रेता
सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि सब्जियों के दाम काफी बढ़े हैं। हर सब्जी महंगी हुई है। मंडी में ही इनके दाम बढ़े हुए हैं। बरसात आने से सब्जियां महंगी हो ही जाती हैं। अगर अब बरसात नहीं हुई तो सब्जियां पुराने रेट पर ही मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी का रेट कभी एक जैसा नहीं रहता। मंडी के रेट के हिसाब से ही हम सब्जी बेचते हैं।
मंडी से सब्जी लाने के बाद आढ़त और लेबर की लागत से भी सब्जी महंगी हो जाती है। सब्जी विक्रेता सब्जी तो हर रोज की जरूरत है। महंगी हो या सस्ती, खरीदनी ही पड़ती है अभी सब्जियां महंगी हैं। इसलिए रोज के हिसाब से ही खरीदी जा रही हैं। सस्ती होने पर सप्ताह के हिसाब से खरीदते हैं।