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मंडी से रसोई तक पहुंचने में दोगुने से ज्यादा हो जाते हैं सब्जियों के दाम

Sun, 13 Sep 2020 06:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 13 Sep 2020 06:00 AM IST
सार

  • कालोनियों के हिसाब से मनमानी कीमत वसूलते हैं फुटकर व्यापारी
  • बारिश और कोरोना के कारण पहले से ही सब्जियों की आवक कम

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Vegetable prices becomes more than double in reaching the kitchen from the market
सब्जी विक्रेता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यह जानकार आपको हैरानी हो सकती है कि जो सब्जी मंडियों में 25 से 30 रुपये किलो मिलती है, वह आपकी रसोई तक पहुंचते-पहुंचते 50 से 60 रुपये किलो तक हो जाती है। सब्जियों के थोक और खुदरा दरों में इस समय दोगुने से ज्यादा का अंतर है। इस फर्क का खामियाजा लोगों को अपनी जेब ढीली कर चुकाना पड़ रहा है। 

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खासतौर से इसलिए भी कि कोरोना संकट और बारिश की वजह से आपूर्ति कम है, जिससे मंडी में भी सब्जियों की कीमतें पहले से ही ज्यादा हैं।

सब्जियों के दाम में वृद्धि होने से जहां इलाके व गुणवत्ता के हिसाब से कालोनियों में आलू 30 से 50 रुपये किलो मिल रहा है वहीं, टमाटर की कीमत भी 50 से 60 रुपये प्रति किलो है। इनमें सबसे अधिक दाम मटर और धनिया के हैं। मटर 120 से 140 रुपये किलो और धनिया 200 रुपये किलो तक है। दूसरी सब्जियों की कीमतें भी कमोवेश सामान्य दिनों से बहुत ज्यादा हैं।
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आजादपुर मंडी के थोक व्यापारी संदीप खंडेलवाल ने बताया कि बारिश के कारण अधिकतर किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। ऐसे में बची हुई फसल का दाम स्वयं ही बढ़ गया है। रही सही कसर कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडाउन ने पूरी कर दी।
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इन सभी कारणों की वजह से बाजार में सब्जियों की आवक कम हो गई है। इसका सीधा असर सब्जियों के दाम में वृद्धि के रूप में पड़ रहा है। सब्जियों का मूल्य पीछे से तय होकर आता है। हालांकि, फुटकर विक्रेता कालोनियों में पहुंचते-पहुंचते सब्जियों के दाम मनमाना बढ़ा देते हैं।


पॉश कॉलोनियों में होता है ज्यादा फर्क
आजादपुर मंडी के थोक व्यापारी जसराज ने बताया कि बड़ी मंडियों से सब्जियां निकलने के बाद छोटी मंडी में पहुंचती हैं। यहां से कॉलोनी में सब्जी बेचने वाले फुटकर विक्रेता कॉलोनी के अनुसार सब्जी के रेट तय करते हैं। जितनी पॉश कॉलोनी होती है, उतना ही वहां दाम में वृद्धि होती है।

कई बार सब्जियों के दाम में अन्य कॉलोनियों के मुकाबले पॉश कॉलोनी में 50 रुपये तक का अंतर देखने को मिलता है। यही वजह है कि जो आलू बाकी कॉलोनियों में 30 से 35 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा होता है वही, पॉश कॉलोनियों में 45 से 55 रुपये किलो तक में आसानी से बिक जाता है।

 

आने वाले दिनों में और भी बढ़ सकते हैं दाम

उत्तर पूर्वी दिल्ली के सुदामापुरी इलाके में फुटकर सब्जी विक्रेता रोहित गर्ग ने बताया कि आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम और भी बढ़ सकते हैं। क्योंकि, बड़ी मंडियों से कॉलोनी तक सब्जियों की ढुलाई में अधिक पैसा खर्च हो रहा है। इसके लिए फुटकर विक्रेता को पहले के मुकाबले अधिक पैसा खर्च करना पड़ रहा है। यदि आगे भी मंडियों में सब्जियों की आवक कम रही तो सभी कारणों को देखते हुए फुटकर में सब्जी के दाम और भी बढ़ सकते हैं।

सब्जियां              आजादपुर मंडी                     दरियागंज मंडी                    कॉलोनी
 
आलू                     25-30                                    30-32                             30-50

टमाटर                   30-40                                   40-45                              50-60

मटर                       70-90                                 120                                   140

अरबी                      10-15                                  30                                    40

धनिया                        100-110                             120                                  200

गोभी                        35-40                                 80                                     90

अदरक                    50                                       55-60                                  60-70

लहसुन                     70-90                                 100                                      120

हरी मिर्च                    30                                      50                                        80

तोरई                         12-15                                  20                                          30

सीताफल                    15-20                                  20-25                                    30-40
  
टिंडा                           40-45                                60                                          65-70

प्याज                             25-30                              35                                      40-50

बैंगन                             15-20                             30                                         40-50

लोगों ने कहा...
पहले से ही कोरोना बीमारी के कारण हालत खराब है। ऊपर से सब्जियों के बढ़े हुए दामों ने बजट बिगाड़ दिया है।
- नेहा

दिन-प्रतिदिन महंगाई बढ़ रही है। आलू-प्याज के दाम की वजह से अब थाली भी महंगी हो गई है।
- निखिल

 

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