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वरीशा हत्याकांड में नया मोड़, जिसे मरा समझकर परिजनों ने किया सुपुर्दे खाक, वह जिंदा निकली
Tue, 04 Aug 2020 11:03 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 04 Aug 2020 11:03 AM IST
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वरीशा
- फोटो : अमर उजाला
वरीशा हत्याकांड मामले में नया मोड़ सामने आया है। बीते दिनों गाजियाबाद में ट्रॉली बैग में मिले शव की शिनाख्त वरीशा के रूप में करने के बाद परिजनों ने उसे दफना भी दिया था और उसके ससुराल वालों को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया था। लेकिन, अब वरीशा जिंदा लौट आई है।
वह खुद अलीगढ़ के गांधीपार्क थाने पहुंची और पूरे प्रकरण के बारे में बताया। बुलंदशहर पुलिस ने उसे अलीगढ़ पुलिस से अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। अलीगढ़ जनपद के गांधी पार्क थाने में सोमवार दोपहर एक महिला पहुंची।
उसने पुलिस को बताया कि उसका निकाह गत एक जून को बुलंदशहर के ऊपरकोट इलाका निवासी युवक आमिर के साथ हुआ था। शादी के एक माह बाद एक जुलाई को वह अपने मायके अलीगढ़ आई थी। जिसके बाद 17 जुलाई को वापस अपने ससुराल पहुंच गई।
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आरोप है कि ससुराल में पहुंचने पर आरोपी ससुरालवालों ने उसके जेवरात छीन लिए और उसके मायके पक्ष पर गहने चोरी करने का आरोप लगाया था। जिसका पीड़िता ने विरोध किया तो गत 22 जुलाई को उसके पति ने उसके साथ मारपीट की थी। जिससे आहत होकर वह 23 जुलाई की दोपहर को अपनी ससुराल से चली गई थी।
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वह खुद अलीगढ़ के गांधीपार्क थाने पहुंची और पूरे प्रकरण के बारे में बताया। बुलंदशहर पुलिस ने उसे अलीगढ़ पुलिस से अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। अलीगढ़ जनपद के गांधी पार्क थाने में सोमवार दोपहर एक महिला पहुंची।
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उसने पुलिस को बताया कि उसका निकाह गत एक जून को बुलंदशहर के ऊपरकोट इलाका निवासी युवक आमिर के साथ हुआ था। शादी के एक माह बाद एक जुलाई को वह अपने मायके अलीगढ़ आई थी। जिसके बाद 17 जुलाई को वापस अपने ससुराल पहुंच गई।
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आरोप है कि ससुराल में पहुंचने पर आरोपी ससुरालवालों ने उसके जेवरात छीन लिए और उसके मायके पक्ष पर गहने चोरी करने का आरोप लगाया था। जिसका पीड़िता ने विरोध किया तो गत 22 जुलाई को उसके पति ने उसके साथ मारपीट की थी। जिससे आहत होकर वह 23 जुलाई की दोपहर को अपनी ससुराल से चली गई थी।
लेकिन, वह अपने मायके न जाकर नोएडा के भंगेल थानाक्षेत्र गई, जहां वह शादी से पहले नौकरी करती थी। जब उसे जानकारी हुई कि उसके मायके पक्ष ने किसी गलत महिला के शव की शिनाख्त उसके रूप में करके उसका अंतिम संस्कार कर दिया है तो उसने थाने पहुंचकर सारी सच्चाई बताई।
जिसके बाद अलीगढ़ पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस को मामले की जानकारी दी। जिसके बाद बुलंदशहर व गाजियाबाद पुलिस में हड़कं प मच गया। बुलंदशहर पुलिस ने अलीगढ़ पहुंच कर उसे अपने सुपुर्द लिया। अब उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही पुलिस अलीगढ़ से उसकी मां को भी साथ ले आई है।
यह था मामला
एक जून को अलीगढ़ निवासी वरीशा का निकाह बुलंदशहर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ऊपरकोट निवासी युवक आमिर खान के साथ हुआ था। लेकिन, शादी के करीब 53 दिन बाद 23 जुलाई को वरीशा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। मामले में उसके पति ने नगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
वरीशा के लापता होने के चार दिन बाद 27 जुलाई को गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र के न्यू हिंडन इलाके में एक अज्ञात महिला का शव ट्रॉली बैग में मिला था। उसी रात अलीगढ़ निवासी इस्रायल नामक युवक ने गाजियाबाद पहुंचकर मृतका की शिनाख्त अपनी बहन वरीशा के रूप में की थी। मामले में नगर पुलिस ने वरीशा की मां की शिकायत पर आरोपी पति, सास व ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। जिन्हें 28 जुलाई को ही जेल भेज दिया गया था।
जिसके बाद अलीगढ़ पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस को मामले की जानकारी दी। जिसके बाद बुलंदशहर व गाजियाबाद पुलिस में हड़कं प मच गया। बुलंदशहर पुलिस ने अलीगढ़ पहुंच कर उसे अपने सुपुर्द लिया। अब उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही पुलिस अलीगढ़ से उसकी मां को भी साथ ले आई है।
यह था मामला
एक जून को अलीगढ़ निवासी वरीशा का निकाह बुलंदशहर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ऊपरकोट निवासी युवक आमिर खान के साथ हुआ था। लेकिन, शादी के करीब 53 दिन बाद 23 जुलाई को वरीशा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। मामले में उसके पति ने नगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
वरीशा के लापता होने के चार दिन बाद 27 जुलाई को गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र के न्यू हिंडन इलाके में एक अज्ञात महिला का शव ट्रॉली बैग में मिला था। उसी रात अलीगढ़ निवासी इस्रायल नामक युवक ने गाजियाबाद पहुंचकर मृतका की शिनाख्त अपनी बहन वरीशा के रूप में की थी। मामले में नगर पुलिस ने वरीशा की मां की शिकायत पर आरोपी पति, सास व ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। जिन्हें 28 जुलाई को ही जेल भेज दिया गया था।
ट्रॉलीबैग में मिले शव की शिनाख्त में जुटेगी गाजियाबाद पुलिस
हालांकि, गाजियाबाद में ट्रॉलीबैग में मिले शव की शिनाख्त उस दौरान वरीशा के परिजनों ने अपनी बेटी के रूप में कर ली थी। लेकिन, अब वरीशा के जिंदा वापस लौटने के बाद गाजियाबाद पुलिस के सामने मृतका की शिनाख्त कर पाना सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा।
डीएनए और बिसरा प्रिजर्व कर रखा था पुलिस ने
ट्रॉलीबैग में मिले शव की शिनाख्त होने के बावजूद कुछ अधिकारियों के मन में शक था क्योंकि मृतका और वरीसा के फोटो काफी पूरी तरह एक दूसरे से मेल नहीं खाते हैं। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद वरीशा के परिजनों को सौंप दिया था। लेकिन, डीएनए और बिसरा के लिए सैंपल प्रिजर्व कर लिया गया था। अब इन्हीं के आधार पर मृतका की शिनाख्त की जा सकेगी।
दहेज उत्पीड़न के मामले में जेल में ही रहेंगे ससुरालवाले
वरीशा के लौटने के बाद पुलिस अफसरों ने उससे गहनता से पूछताछ की है। जिसमें उसने बताया कि उसका दहेज की खातिर उत्पीड़न किया जा रहा था। उसके पति व ससुरालीजनों ने भी उसकी हत्या की कोशिश की थी। पुलिस अब पति, सास व ससुर के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में से आईपीसी की धारा 304 बी को हटाने की बात कह रही है। जबकि, दहेज उत्पीड़न व मारपीट के मामले की धाराओं को यथावत रखा जाएगा। साथ ही तीनों आरोपी जेल में ही रहेंगे।
23 जुलाई को नगर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई नवविवाहिता वरीशा सोमवार को अलीगढ़ के गांधीपार्क थाना पहुंची। जहां उसने एक महिला पुलिसकर्मी को पूरा घटनाक्रम बताया है। वरीशा व उसकी मां को बुलंदशहर ले आया गया है। जेल गए पति, सास व ससुर के ऊपर लगी आईपीसी की धारा 304 बी को हटाया जा रहा है। दहेज उत्पीड़न के मामले में वह जेल में ही रहेंगे। मंगलवार को कोर्ट में उसे पेश करने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी, बुलंदशहर
डीएनए और बिसरा प्रिजर्व कर रखा था पुलिस ने
ट्रॉलीबैग में मिले शव की शिनाख्त होने के बावजूद कुछ अधिकारियों के मन में शक था क्योंकि मृतका और वरीसा के फोटो काफी पूरी तरह एक दूसरे से मेल नहीं खाते हैं। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद वरीशा के परिजनों को सौंप दिया था। लेकिन, डीएनए और बिसरा के लिए सैंपल प्रिजर्व कर लिया गया था। अब इन्हीं के आधार पर मृतका की शिनाख्त की जा सकेगी।
दहेज उत्पीड़न के मामले में जेल में ही रहेंगे ससुरालवाले
वरीशा के लौटने के बाद पुलिस अफसरों ने उससे गहनता से पूछताछ की है। जिसमें उसने बताया कि उसका दहेज की खातिर उत्पीड़न किया जा रहा था। उसके पति व ससुरालीजनों ने भी उसकी हत्या की कोशिश की थी। पुलिस अब पति, सास व ससुर के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में से आईपीसी की धारा 304 बी को हटाने की बात कह रही है। जबकि, दहेज उत्पीड़न व मारपीट के मामले की धाराओं को यथावत रखा जाएगा। साथ ही तीनों आरोपी जेल में ही रहेंगे।
23 जुलाई को नगर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई नवविवाहिता वरीशा सोमवार को अलीगढ़ के गांधीपार्क थाना पहुंची। जहां उसने एक महिला पुलिसकर्मी को पूरा घटनाक्रम बताया है। वरीशा व उसकी मां को बुलंदशहर ले आया गया है। जेल गए पति, सास व ससुर के ऊपर लगी आईपीसी की धारा 304 बी को हटाया जा रहा है। दहेज उत्पीड़न के मामले में वह जेल में ही रहेंगे। मंगलवार को कोर्ट में उसे पेश करने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी, बुलंदशहर