अब नहीं होगी लेटलतीफी का शिकार: महज 10 मिनट में वंदे भारत ट्रेन की सफाई, यहां शुरू हुआ स्वचालित वॉशिंग प्लांट
स्वचालित वॉशिंग प्लांट से वंदे भारत ट्रेनों के बाहरी हिस्से को साफ किया जाता है। इस प्रणाली में उच्च दबाव वाले पानी के जेट, घूमने वाले ब्रश और पर्यावरण के अनुकूल डिटर्जेंट का उपयोग किया जा रहा है।
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वंदे भारत ट्रेन सफाई की वजह से लेटलतीफी का शिकार नहीं होगी। हर दिन चमचमाती हुई दिल्ली के रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और अपने गंतव्य तक पहुंचेगी। इस ट्रेन सेट की सफाई के लिए शकूरबस्ती में स्वचालित कोच वाशिंग प्लांट की शुरुआत किया गया है। अत्याधुनिक तकनीक को अपनाकर तेज, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल सफाई की जा रही है ताकि स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखा जा सके।
स्वचालित वॉशिंग प्लांट से वंदे भारत ट्रेनों के बाहरी हिस्से को साफ किया जाता है। इस प्रणाली में उच्च दबाव वाले पानी के जेट, घूमने वाले ब्रश और पर्यावरण के अनुकूल डिटर्जेंट का उपयोग किया जा रहा है। जो सभी गंदगी, मैल और अन्य दूषित पदार्थों को हटाने के लिए एक साथ काम करते हैं।
इस प्लांट में एक जल पुनर्चक्रण प्रणाली का भी इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि न्यूनतम पानी के उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके। हाथ से सफाई की तुलना में ट्रेन को धोने में लगने वाले समय को काफी कम किया गया है।
बड़ी ट्रेनों की सफाई महज 10 मिनट में की जा रही है और वापसी दिशा में रवाना होने के लिए तैयार किया जाता है। तेजी से सफाई होने से लेटलतीफी की शिकायत भी कम हो रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नरम ब्रश और नियंत्रित पानी का दबाव ट्रेन की सतह को नुकसान नहीं पहुंचाता है। स्वचालित प्रणाली के कारण श्रमिकों के स्वास्थ्य व कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करता है।