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शाहबेरी के 17 प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द करेगा यूपी रेरा, फर्जी प्रमाण पत्र वालों पर होगी कार्रवाई
Fri, 02 Aug 2019 04:38 AM IST
शाहरुख खान
नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 02 Aug 2019 04:38 AM IST
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फाइल फोटो
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ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव के बिल्डरों ने फर्जी प्रमाण पत्रों का प्रयोग कर 17 प्रोजेक्टों को यूपी रेरा में पंजीकृत कराया था। जांच में बिल्डरों का यह फर्जीवाड़ा सामने आया है।
इसके बाद रेरा ने शाहबेरी के इन सभी प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द करने का फैसला लिया है। बिल्डरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। अमर उजाला ने 5 अक्तूबर, 2018 के अंक में ‘रेरा में पंजीकृत है शाहबेरी की अवैध इमारतें’ शीषर्क के साथ इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था।
यूपी रेरा एक्ट लागू होने के बाद सभी बिल्डरों को पंजीकरण कराने कराना था। पंजीकरण कराने का एक निर्धारित समय दिया गया था। उसी दौरान शाहबेरी गांव के बिल्डरों ने भी अपना प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत करा लिया था।
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इसका फायदा बिल्डरों ने बैंकों से ऋण लेने और खरीदारों को सस्ते फ्लैट बेचकर उठाया, लेकिन शाहबेरी में दो बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी निर्माण को अवैध करार दिया और नोटिस चस्पा कर सभी निर्माण को गिराने का आदेश दिया।
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इसके बाद रेरा ने शाहबेरी के इन सभी प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द करने का फैसला लिया है। बिल्डरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। अमर उजाला ने 5 अक्तूबर, 2018 के अंक में ‘रेरा में पंजीकृत है शाहबेरी की अवैध इमारतें’ शीषर्क के साथ इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था।
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यूपी रेरा एक्ट लागू होने के बाद सभी बिल्डरों को पंजीकरण कराने कराना था। पंजीकरण कराने का एक निर्धारित समय दिया गया था। उसी दौरान शाहबेरी गांव के बिल्डरों ने भी अपना प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत करा लिया था।
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इसका फायदा बिल्डरों ने बैंकों से ऋण लेने और खरीदारों को सस्ते फ्लैट बेचकर उठाया, लेकिन शाहबेरी में दो बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी निर्माण को अवैध करार दिया और नोटिस चस्पा कर सभी निर्माण को गिराने का आदेश दिया।
उसके बाद शाहबेरी गांव के खरीदार यूपी रेरा में पहुंचे और अपनी धनराशि वापस दिलाने की मांग की, तभी पता चला कि शाहबेरी गांव के अवैध प्रोजेक्टों को भी रेरा में पंजीकृत कराया गया है।
अमर उजाला ने शाहबेरी के अवैध प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत होने का खुलासा किया। उस समय जेपी हाइट बिल्डिंग के पंजीकृत होने का मामला सामने आया था। जिस पर रेरा के अफसरों ने संज्ञान लेकर अवैध प्रोजेक्ट पंजीकृत होने की जांच शुरू कर दी।
अब रेरा की जांच में शाहबेरी गांव के 17 प्रोजेक्ट मिले हैं, जिन्हें फर्जी प्रमाण पत्र के साथ पंजीकृत कराया गया है। रेरा ने इन सभी प्रोजेक्ट का पंजीकृत रद्द करेगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
मामलों को सुनने से इंकार कर चुका है रेरा
यूपी रेरा शाहबेरी गांव के मामलों को सुनने से पहले ही इंकार कर चुका है। रेरा अफसरों का कहना है कि शाहबेरी गांव के प्रोजेक्ट लाल डोरा के अंदर है जो रेरा के दायरे से बाहर है। संबंधित प्राधिकरण ने उनका नक्शा पास भी नहीं है। जो शिकायत आई थी, उन्हें खारिज कर दिया।
अमर उजाला ने शाहबेरी के अवैध प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत होने का खुलासा किया। उस समय जेपी हाइट बिल्डिंग के पंजीकृत होने का मामला सामने आया था। जिस पर रेरा के अफसरों ने संज्ञान लेकर अवैध प्रोजेक्ट पंजीकृत होने की जांच शुरू कर दी।
अब रेरा की जांच में शाहबेरी गांव के 17 प्रोजेक्ट मिले हैं, जिन्हें फर्जी प्रमाण पत्र के साथ पंजीकृत कराया गया है। रेरा ने इन सभी प्रोजेक्ट का पंजीकृत रद्द करेगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
मामलों को सुनने से इंकार कर चुका है रेरा
यूपी रेरा शाहबेरी गांव के मामलों को सुनने से पहले ही इंकार कर चुका है। रेरा अफसरों का कहना है कि शाहबेरी गांव के प्रोजेक्ट लाल डोरा के अंदर है जो रेरा के दायरे से बाहर है। संबंधित प्राधिकरण ने उनका नक्शा पास भी नहीं है। जो शिकायत आई थी, उन्हें खारिज कर दिया।
शाहबेरी गांव के 17 प्रोजेक्ट को चिह्नित किया गया है। इन प्रोजेक्ट के बिल्डरों ने गलत जानकारी देकर पंजीकरण कराया है। इन सभी का पंजीकरण रद्द किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिल्डरों पर कार्रवाई भी होगी।
- बलविंदर कुमार, सदस्य यूपी रेरा
- बलविंदर कुमार, सदस्य यूपी रेरा