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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Uttam Nagar murder case: MCD directed not to take action against the house of the accused for now

उत्तम नगर हत्या मामला: एमसीडी को हत्यारोपी के घर पर अभी कार्रवाई नहीं करने के निर्देश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 09:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) को निर्देश दिया कि उत्तम नगर हत्या के मामले के सह आरोपी के घर पर फिलहाल कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई न की जाए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संशोधित याचिका दाखिल करने का आदेश दिया और स्पष्ट किया कि नई याचिका दाखिल होने तक एमसीडी कोई कदम नहीं उठाएगी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि 5 मार्च को दर्ज एक एफआईआर में वह सह-अभियुक्त हैं। मुख्य अभियुक्त के घर को पहले ही ध्वस्त कर दिया गया है। याचिकाकर्ता को डर है कि अब उनके घर को भी बिना नोटिस के तोड़ा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सामुदायिक समूह उनके घर में घुसे, ताले तोड़े और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। साथ ही, उन्हें बार-बार धमकियां मिल रही हैं कि घर को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
कोर्ट ने रिवाइज याचिका दाखिल करने तक दी छूट
न्यायमूर्ति अमित बंसल की बेंच ने याचिका में कई प्रार्थनाओं को अलग-अलग माना। प्रार्थना ए (तोड़फोड़ से सुरक्षा) पर सुनवाई की, जबकि पुलिस सुरक्षा से जुड़ी अन्य प्रार्थनाओं को अलग कार्यवाही के लिए कहा। कोर्ट ने याचिका में अस्पष्ट बातों पर टिप्पणी की और याचिकाकर्ता को बेहतर याचिका दाखिल करने की छूट दी।बेंच ने एमसीडी से कहा कि यदि भी कोई अतिक्रमण है, तो सामान्य प्रक्रिया के तहत नोटिस देना जरूरी है, सिवाय अत्यंत आपातकालीन सार्वजनिक खतरे के मामलों के। याचिकाकर्ता को 10 दिनों में नाले पर अतिक्रमण के बारे में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अभी अदालत के सामने हैं, इसलिए साफ है कि कोई कार्रवाई नहीं होगी। एमसीडी के वकील ने कहा कि यह सुरक्षा केवल इस याचिका से जुड़ी संपत्तियों तक सीमित रहेगी।
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बिना नोटिस कार्रवाई का डर
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यदि घर में कोई व्यावसायिक गतिविधि हो रही है, जैसा एमसीडी का दावा है, तो पहले नोटिस दिया जाना चाहिए। नोटिस मिलने पर वे इसका जवाब देंगे। एमसीडी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में कुछ तस्वीरें पेश कीं और दावा किया कि घर बरकरार है। साथ ही, उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता की संपत्ति का कुछ हिस्सा सार्वजनिक नाले पर अतिक्रमण कर रहा है, जिसके कारण नोटिस के बिना भी कार्रवाई हो सकती है।
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