लाहौर बस सेवा पर दिखा उड़ी हमले का असर, दिल्ली से खाली जा रही बस
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उड़ी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी तल्खी का असर दिल्ली-लाहौर बस सेवा पर दिखने लगा है। यही नहीं दोनों देशों के यात्री सिर्फ अपने देश की बसों से आने-जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पाकिस्तान जाने से पहले भारत के यात्री वहां के हालात का जायजा भी ले रहे हैं। यात्री कम होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उड़ी हमले के बाद दिल्ली से लाहौर जाने वाली पाकिस्तान परिवहन निगम की बस चार बार खाली जा चुकी है।
बीते 18 सितंबर को सेना के बेस पर हमले के बाद भारत से पाकिस्तान की बस चार बार 20, 22, 24 और 27 सितंबर को दिल्ली के अंबेडकर टर्मिनल से गई, लेकिन चारों दिन एक भी यात्री इसे नहीं मिला। जबकि हमले से पहले सिर्फ एक दिन 15 सितंबर को छोड़ दें तो सभी दिन यात्री मिले। कमोवेश यही हालात पाकिस्तान से आने वाली भारत की बसों का भी है।
पाकिस्तान में हालात की पूछताछ कर रहे यात्री
पाकिस्तान से लौटते वक्त भारत की बसों को भी वहां यात्री नहीं मिल रहे हैं। उड़ी हमले के बाद 22 सितंबर को एक भी यात्री नहीं मिला तो 20 सितंबर को महज 2 यात्री थे, मंगलवार यानी 27 सितंबर को महज छह यात्री आए हैं।
जबकि इससे पहले इसी माह में भारत की बसों से 15 से ज्यादा यात्री भारत आ रहे थे। डीटीसी के वरिष्ठ अधिकारी भी मानें तो उड़ी हमले के बाद यात्रियों की संख्या में कमी आई है।
पहले औसतन भारत से पाक जाने वाले यात्रियों की संख्या रोजाना 25 के करीब होती थी। मगर अब यह संख्या 15 से भी कम हो गई है। पाकिस्तान से आने वालों की संख्या भी घटी है इसमें भी वे लोग ज्यादा हैं जिन्हें इलाज कराना है।
पाकिस्तान में हालात की पूछताछ कर रहे यात्री
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और पाक के बीच बढ़ीं दूरियां और युद्ध की बातों को देखते हुए अब यात्री पाकिस्तान जाने से पहले वहां के हालात का जायजा भी ले रहे हैं। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो लोग वहां के हालात पूछते हैं।
उन्होंने एक यात्री का जिक्र करते हुए बताया कि डॉ. खान को अपने परिवार को किसी शादी में भेजना था। उन्होंने जाने से पहले बस के साथ जाने वाले कर्मचारियों से हालात की जानकारी ली।